ईरान सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी काम के लिए इंस्टाग्राम और एक्स पर से हटाया बैन।

ईरान सरकार ने सोशल मीडिया को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है और सरकारी कामकाज के लिए विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। रविवार, 6 सितंबर 2026 को ईरानी सरकार ने यह घोषणा की कि अब सरकारी विभाग आधिकारिक संचार के लिए इन ऐप्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। साल 2017 में इन पर पाबंदियां लगनी शुरू हुई थीं और 2018 तक इन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया गया था, लेकिन अब इस नीति में बदलाव किया गया है। इस फैसले के बाद अब सरकारी एजेंसियां इंस्टाग्राम, एक्स, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आधिकारिक खबरें और सार्वजनिक जानकारी साझा कर सकेंगी।
अब्बास पाज़ौकी ने दी जानकारी
ईरान के पहले उपराष्ट्रपति के कार्यालय में संचार और सूचना के डिप्टी अब्बास पाज़ौकी ने ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) को इस बदलाव की पुष्टि की। अब्बास पाज़ौकी के मुताबिक, सरकारी संस्थाओं को इन प्लेटफॉर्म्स पर अनुमति देने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अधिकारी सीधे उन जगहों पर अफवाहों का मुकाबला कर सकें और लोगों के बीच जवाब दे सकें जहां आम जनता पहले से मौजूद है। सरकार चाहती है कि गलत सूचनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।
आम जनता के लिए पाबंदियां जारी
भले ही सरकारी इस्तेमाल के लिए इन ऐप्स को छूट दे दी गई हो, लेकिन आम नागरिकों के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की कोई घोषणा नहीं की गई है। ईरान में इंटरनेट नियमों को लेकर काफी सख्ती रही है और समय-समय पर इंटरनेट ब्लैकआउट जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसी साल यानी 2026 के शुरुआती महीनों में नागरिक अशांति के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी गिरकर सामान्य स्तर की मात्र 1% से 4% के बीच रह गई थी, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
डिजिटल नियंत्रण और नए कानून
एक तरफ जहां सरकार ने अपने काम के लिए इन ऐप्स को खोला है, वहीं दूसरी तरफ देश में ऑनलाइन नियमों को और सख्त करने की तैयारी भी चल रही है। पिछले महीने 26 अगस्त 2026 को एक नया ड्राफ्ट बिल पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन सेंसरशिप को और बढ़ाना है। इस नए प्रस्ताव के तहत विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए देश के अंदर अपनी फिजिकल मौजूदगी दर्ज कराना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसके अलावा, अगस्त 2026 में ही एक अन्य कानून का प्रस्ताव भी लाया गया था, जिसमें विदेशी मीडिया संगठनों के साथ किसी भी तरह के संपर्क को आपराधिक श्रेणी में लाने की कोशिश की गई थी।