सऊदी-हूती टकराव पर ईरान की मध्यस्थता पेशकश, सात-दिवसीय योजना सामने

ईरान ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते टकराव को शांत करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। सात-दिवसीय योजना में होर्मुज़ खोलने और परमाणु वार्ता फिर शुरू करने की बात है।

Mohd. Irfan12 October 20261 min read17 viewsSaudi
सऊदी-हूती टकराव पर ईरान की मध्यस्थता पेशकश, सात-दिवसीय योजना सामने

तेहरान: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान ने खुद को बातचीत का रास्ता खोलने वाले पक्ष के रूप में पेश किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने कहा कि तेहरान क्षेत्र के हालात को लेकर गहरी चिंता में है और विवादित पक्षों के बीच संवाद कराने के लिए तैयार है।

यह पेशकश ऐसे वक्त आई है जब हालात तेज़ी से बिगड़े हैं। हूती गुट के मिसाइल और ड्रोन हमले सऊदी अरब पर लगातार बढ़े हैं, और राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया। 8 अक्टूबर के एक हमले में 12 लोगों की मौत और 300 के आसपास घायल होने की खबर है। 11 अक्टूबर को हुए एक और हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की जान गई, जबकि 11 अन्य लोग घायल हुए।

इसी माहौल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने 11 अक्टूबर को अपने सऊदी समकक्ष फ़ैसल बिन फ़रहान से फ़ोन पर बात की। हाल की हिंसा के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहला सार्वजनिक संपर्क बताया जा रहा है। अराग़ची का कहना था कि इस क्षेत्र के संकटों का कोई सैन्य हल नहीं है।

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सात दिन का प्रस्ताव क्या है

ईरान ने कतर समेत कुछ मध्यस्थों के जरिए एक "सात-दिवसीय योजना" रखी है। इसका मकसद तनाव घटाना, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और परमाणु वार्ता फिर से शुरू करना है। प्रस्ताव के मुताबिक छठे दिन होर्मुज़ खुलेगा और सातवें दिन बातचीत शुरू होगी। लेकिन यह शर्त भी है कि अमेरिका इन शर्तों पर राज़ी हो।

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