Iran News: ईरान ने बदला सैन्य रुख, अब रक्षात्मक से आक्रामक अभियानों की दहलीज पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स

Sushma Kumari10 September 20263 min read22 viewsWorld
Iran News: ईरान ने बदला सैन्य रुख, अब रक्षात्मक से आक्रामक अभियानों की दहलीज पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC के तेहरान कमांडर ब्रिगेडियर जनरल Hassan Hassanzadeh ने 10 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि उनका देश अब रक्षात्मक रणनीति से आगे निकलकर पूरी तरह से आक्रामक अभियानों की दहलीज पर पहुंच गया है। इस घोषणा के बाद से पूरी दुनिया में चिंता का माहौल और ज्यादा गहरा गया है क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।

विशेष हमलावर दस्तों का गठन और सैन्य अभ्यास

कमांडर ने विशेष ऑपरेशंस यूनिट्स के सैन्य अभ्यास के दौरान यह जानकारी दी कि ईरानी सेना देश में कहीं भी तेजी से तैनाती करने के लिए पूरी तरह से तैयार है ताकि विरोधियों को तुरंत बेअसर किया जा सके। इस रणनीति के तहत विशेष हमलावर दस्तों यानी specialized assault squads का गठन किया गया है जो पलक झपकते ही विशेष अभियानों को अंजाम देने में सक्षम हैं। इसके साथ ही हालिया अभ्यासों के दौरान तेज गति से परिवहन की क्षमताओं को भी काफी ज्यादा मजबूत किया गया है। ब्रिगेडियर जनरल ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उनके तमाम दावों के बावजूद ईरानी सेना पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर स्थिति में मौजूद है। इस पूरे सैन्य अभ्यास में करीब 313,000 लोगों ने हिस्सा लिया जिससे इसकी विशालता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

क्षेत्रीय तनाव और सैन्य झड़पों का सिलसिला

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत देखने को मिल रही है। बीते 9 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के 5 तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया था जिसे ईरान के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा और एक आक्रामक कार्रवाई करार दिया था। इसके जवाब में IRGC ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने अल अजराफ बेस पर मिसाइलें दागने का दावा किया। जॉर्डन की एयर डिफेंस प्रणाली ने मुवक्फ साल्टी एयर बेस की ओर आ रही 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया जबकि दो मिसाइलें खाली इलाकों में आकर गिरीं।

खाड़ी के इस बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने भी अपनी सुरक्षा कड़ी कर दी है। बीते 4 सितंबर से ही ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना पर हमले तेज कर रहा है जिसमें विमानवाहक पोत, डिस्ट्रॉयर और मरीन पोत पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों में अत्याधुनिक हथियारों और क्लस्टर म्युनिशीशन के इस्तेमाल की बात कही है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसेना पर हर एक हमले के बदले ईरान को अपने और तेल टैंकर गंवाने पड़ेंगे। वहीं दूसरी ओर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया है कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरानी शासन को पूरी तरह से हराना है। बढ़ते तनाव के बीच IRGC ने चाबहार से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक एक समुद्री प्रतिबंधित क्षेत्र यानी maritime restricted zone बनाने की योजना का भी ऐलान किया है जो उनकी बदलती सैन्य नीति को साफ तौर पर दिखाता है।

Share:

Comments

Leave a comment