ईरान के परमाणु प्रमुख का बड़ा बयान, कहा- हमले वाली जगहों पर IAEA निरीक्षकों की एंट्री पर लगी रोक.

ईरान के परमाणु प्रमुख Mohammad Eslami ने 26 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि देश के जिन परमाणु ठिकानों पर हाल ही में हमले हुए थे, वहां अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के निरीक्षकों को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक इन जगहों की सुरक्षा के लिए कोई खास प्रोटोकॉल नहीं बनाया जाता, तब तक निरीक्षण का काम शुरू नहीं हो सकता है।
अमेरिका और इसराइल पर लगाए गंभीर आरोप
ईरानी परमाणु प्रमुख ने अमेरिका और इसराइल पर IAEA पर गलत दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों की एजेंसी ने खुलकर निंदा नहीं की है, जो कि सही नहीं है। यह पूरा मामला उस समय गरमाया जब इस साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर सैन्य हमले किए थे। इन हमलों के बाद से ही तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय निगरानी पर कई तरह के नए प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
परमाणु नीति में बदलाव पर हो रही है चर्चा
मौजूदा हालात को देखते हुए ईरानी संसद में एक प्रस्ताव पर भी जोर-शोर से विचार चल रहा है, जिसके तहत देश Nuclear Non-Proliferation Treaty यानी NPT से बाहर निकल सकता है। इसके अलावा, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 23 अगस्त 2026 को संकेत दिया था कि ईरान अपनी पुरानी परमाणु नीति पर फिर से विचार कर सकता है। उनका मानना है कि वैश्विक नियमों का पालन करने के बाद भी देश को सैन्य हमलों से सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
IAEA प्रमुख का अमेरिका दौरा
दूसरी तरफ, IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi इन दिनों अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में मौजूद हैं। वह वहां 26 से 27 अगस्त 2026 के बीच शुरू होने वाले ATLAS यानी 'Atomic Technologies Licensed for Applications at Sea' कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने अमेरिका के ऊर्जा सचिव Chris Wright से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मौजूदा हालात और अप्रसार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की गई है।