Iran Pakistan Talks: ईरान और पाकिस्तान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत, क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिश.

क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए Iran और Pakistan के बीच लगातार कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इसी सिलसिले में 10 सितंबर 2026 की रात को ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य ईरान में चल रहे संघर्ष को रोकने और कूटनीतिक प्रयासों को फिर से जीवित करना था। पाकिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी ने Reuters को यह जानकारी दी कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच वॉशिंगटन और तेहरान के बीच दूरियों को कम करने के रास्तों पर चर्चा की गई।
कूटनीतिक बैठकों का दौर और क्षेत्रीय सुरक्षा
इस फोन कॉल से एक दिन पहले यानी 9 सितंबर 2026 को ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान में ईरान के राजदूत Dr. Reza Amiri Moghadam से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए तेहरान और इस्लामाबाद के बीच लगातार बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था। आपको बता दें कि यह पूरा संघर्ष 28 फरवरी 2026 को ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई और जून 2026 में एक अंतरिम शांति समझौता भी विफल हो गया था।
सऊदी अरब से चर्चा और संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की भूमिका
इसी दिन यानी 10 सितंबर 2026 को ईरानी विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan से भी क्षेत्रीय अस्थिरता और हुती हमलों के मुद्दों पर बातचीत की। वहीं दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत ने यह बयान दिया कि उनका देश ईरान और अमेरिका दोनों पर बातचीत की मेज पर लौटने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। पाकिस्तान की योजना आगामी UN General Assembly मंच का उपयोग करके लंबे सैन्य टकराव के बजाय कूटनीति के जरिए इस मामले का समाधान निकालने की है। इस पूरे संघर्ष के दौरान, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में सीमित आवाजाही और अमेरिकी नेतृत्व में ईरानी बंदरगाहों की नौका नाकाबंदी शामिल है, पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर अपनी तटस्थता की स्थिति को बनाए रखा है।