Iran Petrol Price Hike: ईरान सरकार ने पेट्रोल के दामों में किया बड़ा इजाफा, महंगे ईंधन से जनता परेशान.

ईरान सरकार ने आर्थिक संकट और कम होते सरकारी राजस्व के बीच पेट्रोल की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। 8 सितंबर 2026 को लागू हुए इस नए नियम के तहत उन वाहन चालकों को निशाना बनाया गया है जो महीने में 110 लीटर से ज्यादा पेट्रोल की खपत करते हैं। सरकार के इस फैसले से आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं और देश में पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्यों उठाया गया यह कदम
सरकार की ओर से यह घोषणा सरकारी प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने 7 सितंबर को की थी। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आर्थिक दबावों के चलते सब्सिडी का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया था, जिसे संभालना अब मुश्किल हो रहा था। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और मांग व आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है। सरकारी बयानों के मुताबिक इस नीति का मकसद ईंधन की फिजूलखर्ची को रोकना है।
पेट्रोल की नई कीमतें और श्रेणियां
नई मूल्य संरचना के अनुसार, पेट्रोल की खपत को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। शुरुआती 60 लीटर पेट्रोल के लिए पुराना रेट 1,500 तोमन प्रति लीटर ही रहेगा। इसके बाद के अगले 50 लीटर पेट्रोल की कीमत 3,000 तोमन प्रति लीटर तय की गई है। हालांकि, जो लोग तीसरे चरण में यानी इससे अधिक पेट्रोल की खपत करेंगे, उनके लिए दाम दोगुने करके 10,000 तोमन प्रति लीटर (जो कि 100,000 ईरानी रियाल के बराबर है) कर दिए गए हैं। सरकार ने वादा किया है कि इस बढ़ोतरी से मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व को सीधे तौर पर परिवारों में बांटा जाएगा।
खपत और उत्पादन का बड़ा अंतर
National Iranian Oil Products Distribution Company (NIOPDC) के सीईओ Keramat Veis Karami ने बताया कि नई दरें देश के लगभग 15 प्रतिशत उपभोक्ताओं को प्रभावित करेंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगस्त के महीने में देश में रोजाना पेट्रोल की खपत रिकॉर्ड 145 मिलियन लीटर तक पहुंच गई थी, जबकि देश के भीतर उत्पादन क्षमता रोजाना सिर्फ 122 मिलियन लीटर की ही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नीतिगत बदलाव से रोजाना की पेट्रोल खपत में कम से कम 3 मिलियन लीटर की कमी आएगी और लोग कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित होंगे।
देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और स्थानीय तनाव
प्रथम उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने संकेत दिया है कि प्रशासन आने वाले समय में आयातित पेट्रोल पर मिलने वाली सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म करने की योजना बना रहा है। ईरानी रियाल की हालत बहुत कमजोर हो चुकी है और यह गिरकर 2.2 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर से भी नीचे के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इन हालातों को देखते हुए पेट्रोल पंपों और शहर की सड़कों पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा तबरीज और बाबोल जैसे शहरों में घोषणा के बाद इंटरनेट की गति धीमी होने की भी खबरें सामने आई हैं।