ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को दी बड़ी शर्त, कहा- वाशिंगटन अपने वादे पूरे करे तो हम भी मानेंगे समझौता.

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हाल ही में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका अपने वादों को पूरा करता है, तो ईरान भी तुरंत जून 2026 के अंतरिम समझौते की शर्तों को मानना शुरू कर देगा। राष्ट्रपति ने यह बात किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने बातचीत और कूटनीति पर जोर देते हुए यह भी साफ किया कि शांति और सुरक्षा टकराव से नहीं बल्कि आपसी भरोसे और एक-दूसरे के सम्मान से ही संभव हो सकती है।
तनाव के बीच कूटनीति की बात
राष्ट्रपति ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को दिए गए अपने बयान में दोहराया था कि अमेरिका के साथ लगातार संघर्ष करना ईरान के हित में बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समस्याओं को सुलझाने का एकमात्र सही रास्ता केवल बातचीत ही है। ईरान का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। ईरान का यह भी कहना है कि उनका देश हमेशा से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संधियों का सम्मान करता आया है।
सैन्य संघर्ष और अमेरिकी कार्रवाई
इससे पहले रविवार, 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के लराक द्वीप पर हवाई हमले किए थे, जिसमें रॉकेट लॉन्चर पूरी तरह तबाह हो गए थे। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। खाड़ी देशों में चल रहे इस तनाव का असर वहां रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है, जिससे लोग काफी चिंतित हैं।
अमेरिका का आक्रामक रुख
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ अपना कड़ा रुख बरकरार रखा है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को एक विफल राष्ट्र बताते हुए उस पर और अधिक आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे यह टकराव अब आर्थिक युद्ध का रूप ले चुका है। जून महीने में हुआ यह अंतरिम समझौता दोनों देशों के बीच चल रहे विवादों को सुलझाने के लिए 60 दिन की समय सीमा तय करता है, जिस पर अभी भी बातचीत जारी है।