SCO Summit: किर्गिस्तान में मिले ईरान के राष्ट्रपति मसूद और रूस के व्लादिमीर पुतिन, आपसी संबंधों पर हुई बड़ी चर्चा.

Sushma Kumari1 September 20262 min read33 viewsWorld
SCO Summit: किर्गिस्तान में मिले ईरान के राष्ट्रपति मसूद और रूस के व्लादिमीर पुतिन, आपसी संबंधों पर हुई बड़ी चर्चा.

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और एससीओ प्लस समिट का आयोजन किया गया, जहां 1 सितंबर 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम मुलाकात हुई। इस बैठक की पुष्टि IRNA News Agency और ईरानी प्रेसिडेंसी द्वारा की गई, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करने को लेकर विस्तार से बातचीत की। यह सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया, जो इस संगठन की स्थापना के 25 साल पूरे होने का जश्न भी था और इसका मुख्य विषय 'सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए एक साथ' रखा गया था।

अमेरिका के समझौतों पर राष्ट्रपति मसूद का कड़ा रुख

26वें एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर अमेरिका जून महीने में साइन किए गए 14-सूत्रीय अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपने वादों को पूरा करता है, तो ईरान बिना किसी देरी के इसका जवाब देगा। उन्होंने अमेरिका पर इस समझौते का सम्मान न करने का गंभीर आरोप लगाया, जिसे फरवरी 2026 के आखिर में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद तनाव को कम करने के लिए तैयार किया गया था। अपने भाषण के दौरान उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय नियमों के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए चेतावनी दी कि दुनिया में एकतरफा नीतियां और प्रतिबंध वैश्विक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं, और साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अपनी बात रखी।

एसटीओ के विस्तार के लिए बड़े प्रस्ताव और वैश्विक नेताओं की मौजूदगी

मौजूदा समय में दुनिया की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी और लगभग 25 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले एससीओ संगठन के प्रभाव को और बढ़ाने के लिए, ईरानी राष्ट्रपति ने एक विशेष बैंक, निर्यात बीमा और निवेश संघ, तथा एक ऊर्जा कंसोर्टियम बनाने का प्रस्ताव रखा। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सadyr Japarov ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की और दुनिया के मंच पर इस संगठन के बड़े बदलाव के बारे में बताया। इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के अंत में 'बिश्केक घोषणापत्र' को स्वीकार किए जाने की उम्मीद है, जिसमें संगठन की सिल्वर जुबली और भविष्य की प्राथमिकताओं का जिक्र होगा। इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जैसे बड़े नेता भी शामिल हुए, जबकि पुतिन ने पेज़ेश्कियन से मिलने से पहले 31 अगस्त को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की थी।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment