ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बड़ा बयान, मुस्लिम देशों से की आपसी एकजुटता की अपील

तेहरान में आयोजित 40th International Islamic Unity Conference के दौरान ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी मुस्लिम देश को अपने पड़ोसियों की अस्थिरता की कीमत पर अपनी सुरक्षा नहीं ढूंढनी चाहिए और न ही किसी मुस्लिम देश की धरती का इस्तेमाल दूसरे मुस्लिम देश के खिलाफ होना चाहिए। यह पूरा मामला क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका-इजराइली आक्रामकता के बीच सामने आया है, जहां राष्ट्रपति ने ईरान की मजबूती और शांति बनाए रखने पर जोर दिया है।
ओआईसी की आर्थिक ताकत और आपसी व्यापार पर चर्चा
राष्ट्रपति ने Organization of Islamic Cooperation (OIC) की आर्थिक क्षमता का जिक्र करते हुए बताया कि इसके सभी सदस्य देशों की सामूहिक अर्थव्यवस्था $9.2 trillion है, जो वैश्विक जीडीपी का 8.3% हिस्सा बनती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता भी जताई कि इन देशों के बीच आपसी व्यापार यानी इंट्रा-ग्रुप एक्सपोर्ट केवल 19% ही है। इसके अलावा, देश की वित्तीय स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका आर्थिक दबाव के जरिए कुछ भी हासिल नहीं कर पाएगा और ईरान हर तरह के प्रतिबंधों का डटकर सामना करता रहेगा।
हॉर्मोन जलडमरूमध्य का विवाद और क्षेत्रीय हालात
दूसरी तरफ, 27 August 2026 को United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) की एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोन में एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से आग लगने की बात कही गई थी। ईरान ने फरवरी 2026 से इस जलमार्ग को बंद कर रखा है, क्योंकि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरानी शहरों पर हमले किए थे। ईरान के उप विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और यह संघर्ष खत्म नहीं होता, तब तक यह रास्ता बंद ही रहेगा। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने मौजूदा नेतृत्व के साथ किसी भी कूटनीतिक समझौते की संभावना पर संदेह जताया है, जबकि विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका को ही एकतरफा प्रतिबंधों से होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी।