ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने सऊदी अरब और यूएई के साथ क्षेत्रीय सहयोग का दिया प्रस्ताव.

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनका देश खाड़ी के पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है। 28 अगस्त 2026 को दिए गए इस बयान में उन्होंने विशेष रूप से Saudi Arabia और United Arab Emirates का नाम लिया है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति बहाल करना और आपसी विश्वास को मजबूत करना है। राष्ट्रपति के इस कदम को कूटनीतिक मोर्चे पर एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
कतर के प्रधानमंत्री से हुई थी खास मुलाकात
क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए ईरानी राष्ट्रपति लगातार कूटनीतिक बैठकें कर रहे हैं। इस सिलसिले में 27 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की थी। ईरान की सरकार अब शांतिपूर्ण तरीकों से अपने पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सुधारना चाहती है, ताकि व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्र में आ रही अड़चनों को दूर किया जा सके।
मुस्लिम देशों के बीच सुरक्षा समझौते का प्रस्ताव
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने अपने देश के सभी राजदूतों को निर्देश दिया है कि वे अन्य देशों के साथ आर्थिक, वैज्ञानिक और राजनीतिक संबंधों को बढ़ावा दें। 27 अगस्त को उन्होंने एक और अहम प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सभी मुस्लिम देशों को मिलकर एक आपसी सुरक्षा और गैर-आक्रामकता संधि बनानी चाहिए। इस समझौते के तहत सभी देशों को एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करना होगा और अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आक्रामकता के लिए नहीं होने देना होगा। इससे पहले 26 अगस्त को उन्होंने बाहरी ताकतों के दखल को रोकने के लिए मुस्लिम एकता पर जोर दिया था।
यूएई और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत
कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है। 28 अगस्त 2026 को यूएई के विदेश मंत्री Abdullah bin Zayed Al Nahyan और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच एक उच्च स्तरीय फोन पर बातचीत हुई। पिछले कुछ समय से चले आ रहे तनाव के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली सार्वजनिक सीधी बातचीत है। बातचीत के दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान के अधिकारों का सम्मान करे और दबाव की राजनीति छोड़े, तो अमेरिका के साथ भी रिश्तों को पटरी पर लाया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर ईरान का रुख अभी भी कड़ा है और ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रतिबंधों को राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया है।
हार्मूल जलडमरूमध्य और एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारी
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने जानकारी दी है कि देश में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने की शर्तों पर काम चल रहा है। इसमें मुख्य रूप से प्रतिबंधों से राहत और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग शामिल है। ये सभी मुद्दे उस समय और महत्वपूर्ण हो जाते हैं जब राष्ट्रपति पेज़ेशकियन 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तैयार हो रहे हैं। इन तमाम बैठकों और वार्ताओं का असर भारत और खाड़ी देशों के बीच आने-जाने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।