अमेरिका के आरोपों को ईरान ने नकारा, हूती को प्रॉक्सी बताने पर भड़का तेहरान, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव.

Nura Basta9 September 20263 min read31 viewsWorld
अमेरिका के आरोपों को ईरान ने नकारा, हूती को प्रॉक्सी बताने पर भड़का तेहरान, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने हूती विद्रोहियों को ईरान का एजेंट और प्रॉक्सी बताया था। 9 सितंबर 2026 को सामने आए इस बयान के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक और सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं।

कूटनीतिक बैठकें और क्षेत्रीय शांति की कोशिशें

इस बढ़ते तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान में ईरान के राजदूत Dr. Reza Amiri Moghadam से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति को बनाए रखने के लिए इस्लामाबाद के साथ लगातार बातचीत करने की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा, ईरानी मंत्री ने वैश्विक स्थिरता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स यानी BRICS गठबंधन से एक बड़ी भूमिका निभाने की अपील की। हालांकि, पश्चिम एशियाई संकट को लेकर हुई ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक में कोई एक साझा बयान जारी नहीं हो सका। खबरों के मुताबिक, जब ईरान ने अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई की खुलकर निंदा करने की मांग की, तो यूएई यानी UAE ने उस प्रस्ताव के कुछ हिस्सों पर रोक लगा दी।

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तेल टैंकरों पर हमला और सैन्य संघर्ष

इसी दौरान, ईरानी विदेश मंत्रालय ने 8 सितंबर को ईरानी तेल टैंकरों पर हुए हमले के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया और इसकी कड़ी निंदा की। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। इसके जवाब में ईरान के सशस्त्र बलों ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए। जॉर्डन के अधिकारियों ने बताया कि उनकी सेना ने ईरान की तरफ से दागी गईं 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने जॉर्डन पर हुए इन हमलों की formal निंदा करते हुए तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले और प्रतिबंध

ताजा लड़ाइयों में हिंसा काफी बढ़ गई है। ईरान ने पांच तेल टैंकरों के नुकसान के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास 10 जहाजों पर हमलों की रिपोर्ट दी है। इसके अलावा, ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। इन हमलों के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने चाबहार से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक समुद्री प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान के विमानन सेक्टर में 36 संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनमें हथियार ले जाने के आरोप वाली 27 एयरलाइंस भी शामिल हैं। वहीं, यूरोपीय संघ ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के साथ ईरान द्वारा सहयोग रोकने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

लेबनान संघर्ष और परमाणु गतिविधियों पर चर्चा

सीएनएन यानी CNN की रिपोर्ट के मुताबिक पिकैक्स माउंटेन साइट पर निर्माण गतिविधियां तेजी से चल रही हैं, जहां किसी गुप्त परमाणु सुविधा के होने की आशंका जताई जा रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी संभावित समझौते में लेबनान के संघर्ष का समाधान शामिल होना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान अपनी जमी हुई संपत्ति पर खुद नियंत्रण रखता है। इस आपसी तनाव के बीच कतर ने कूटनीतिक प्रयासों के तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के फिर से खोलने को अपनी प्राथमिकता बताया है। साथ ही, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अबू मूसा, ग्रेटर टंब और लेसर टंब द्वीपों पर अपनी संप्रभुता दोहराते हुए पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने की बात कही है।

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