अमेरिका के हमलों के बाद ईरान में भड़की हिंसा, 18 लोगों की मौत और कड़े संघर्ष के बीच गल्फ देशों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला

2 सितंबर 2026 को ईरान के हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक बहुत बड़ी जानकारी साझा की है, जिसके मुताबिक अमेरिकी मिलिट्री के हमलों की वजह से देश में कुल 18 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 108 लोग घायल बताए जा रहे हैं। अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने मंगलवार, 1 सितंबर को कई जगहों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने और एयर डिफेंस साइट्स को पूरी तरह से निशाना बनाया गया था। इस तनावपूर्ण माहौल का असर अब सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है और पूरे गल्फ इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
कुहेस्तक में शादी की पार्टी पर हमला और आधिकारिक बयान
इन तमाम हमलों के दौरान एक दुखद घटना ईरान के हॉर्मोज्जान प्रांत के सिरिक जिले में स्थित कुहेस्तक इलाके में घटी, जहां एक शादी की पार्टी पर अमेरिकी हमला हो गया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने यह दावा किया कि इस शादी समारोह में 50 से ज्यादा लोग मारे गए या फिर बुरी तरह जख्मी हुए हैं। हालांकि ईरान के सरकारी टीवी ने शुरुआत में कुल 70 लोगों के हताहत होने की बात कही थी, लेकिन सरकारी समाचार एजेंसी IRRNA ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं जिनकी उम्र क्रमशः 4 साल और 16 साल थी, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री के पब्लिक रिलेशंस सेंटर के प्रमुख हुसैन केरमानपोर ने भी एक बच्चे समेत कई लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है। दूसरी तरफ, CENTCOM के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स ने नागरिकों को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया और कहा कि अमेरिकी सेना कभी भी गैर-लड़ाकों पर हमला नहीं करती है।
गल्फ देशों में ईरान का पलटवार और मिसाइल हमले
इस अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देते हुए ईरान ने भी 2 सितंबर की सुबह-सुबह जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक के एरबिल शहरों में स्थित ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन दागे। जॉर्डन की सेना ने यह जानकारी दी कि उन्होंने हवा में ही 13 में से 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापवूर्क नाकाम कर दिया और गिरा दिया। इसके अलावा कुवैत और बहरीन ने भी अपने आसमान में ईरानी ड्रोन्स को रोके जाने की पुष्टि की है। IRGC ने जॉर्डन के कैंप टब्रिन में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा जरूर किया, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए किसी भी तरह के नुकसान से इनकार किया और सभी हमलों को नाकाम बताने की बात कही। इसके साथ ही लेबनान के दक्षिण में हिजबुल्लाह संगठन ने भी इजरायली सैनिकों पर दो ड्रोन दागे, जिससे गनीमत रही कि किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
राजनयिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन अमेरिकी हमलों को यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है और ईरान के रेड क्रिसेंट ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत से इस शादी वाले हमले की युद्ध अपराध के रूप में जांच करने की अपील की है। संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीज ने इस बात का बदला लेने की बात कही है, और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के मोहसिन रजाई ने एक नई सैन्य और कूटनीतिक रणनीति का ऐलान किया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इन जवाबी हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया है। हॉर्मूज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और खदान की घटनाओं के साथ-साथ 31 अगस्त को दो फिलिपिनो क्रू मेंबर की मौत जैसी घटनाओं ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भूचाल ला दिया है, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें उछलकर लगभग 95 से 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।