Iran’s Araghchi says Tehran to respond to US peace plan within days as Pentagon prepares fresh strikes
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर जल्द जवाब देने की बात कही है, जबकि पेंटागन नए हमलों की तैयारी कर रहा है।

पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही खींचतान पर टिकी हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संकेत दिए हैं कि तेहरान, अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव पर अगले कुछ दिनों में अपना जवाब देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें आ रही हैं कि वॉशिंगटन एक बार फिर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है।
अराघची ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है और बातचीत की प्रक्रिया अभी रुकी नहीं है। उन्होंने जिक्र किया कि ईरान ने पिछले महीने अपना 'सेवन-डे प्लान' (सात दिवसीय योजना) पेश किया था, जिस पर अमेरिका ने अपनी राय दी है। अब ईरान उस प्रतिक्रिया का बारीकी से अध्ययन कर रहा है और जल्द ही अपना अंतिम जवाब देगा।
पेंटागन की तैयारी और युद्ध की आहट
एक तरफ जहां कूटनीति की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध के बादल गहराते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन पेंटागन को नए हमलों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को बड़े सैन्य ऑपरेशनों की तैयारी पूरी करने को कहा गया है।
माना जा रहा है कि यदि युद्ध छिड़ता है, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु ठिकानों को निशाना बना सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है, क्योंकि उसका नियंत्रण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर है और ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है।
ईरान द्वारा प्रस्तावित 'सेवन-डे प्लान' में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और बातचीत शुरू करने का खाका तैयार किया गया था। हालांकि, खबरों के मुताबिक ट्रंप ने पहले इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। अब कतरी मध्यस्थों के जरिए परमाणु रियायतों की मांग वाले अमेरिकी काउंटर-प्रपोजल पर ईरान के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से पहले हमले की संभावना कम है, लेकिन चुनाव के बाद इस खतरे के काफी बढ़ जाने की आशंका है। अब यह देखना होगा कि क्या ईरान का आगामी जवाब युद्ध की आग को बुझा पाएगा या तनाव और बढ़ेगा।