अमेरिका को बड़ा झटका, ईरान ने रिकवर किया अमेरिकी सीक्रेट मिसाइल और शुरू किया रिवर्स-इंजीनियरिंग का काम.

Praggya Singh sabal27 August 20262 min read37 viewsWorld
अमेरिका को बड़ा झटका, ईरान ने रिकवर किया अमेरिकी सीक्रेट मिसाइल और शुरू किया रिवर्स-इंजीनियरिंग का काम.

हाल ही में चल रहे संघर्ष के दौरान ईरान के हाथ एक बहुत बड़ी सफलता लगी है। ईरानी सेना ने अमेरिका के एक अत्याधुनिक AGM-158 JASSM क्रूज़ मिसाइल को अपने कब्जे में ले लिया है, जो युद्ध के दौरान बिना फटे सुरक्षित बच गया था। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी Tabnak की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिसाइल को लेकर ईरान ने अब इसकी तकनीक को समझने यानी रिवर्स-इंजीनियरिंग करने का बड़ा ऐलान किया है। हालांकि इस बात की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह मिसाइल पूरी तरह से चालू हालत में है या नहीं, लेकिन इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल जरूर मचा दी है।

मिसाइल के पार्ट्स से अमेरिका की सीक्रेट तकनीक सीखना चाहता है ईरान

डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भले ही पूरी मिसाइल के काम करने पर संदेह हो, लेकिन ईरानी सेना ने अमेरिकी AGM-158 JASSM और JASSM-ER स्टेल्थ मिसाइलों के कई अहम और बड़े पार्ट्स को बरामद कर लिया है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इन हिस्सों के हाथ लगने से ईरान को अमेरिका की कई खुफिया और आधुनिक तकनीकों तक सीधी पहुंच मिल जाएगी। इसमें मुख्य रूप से कम दिखने वाली स्टेल्थ बनावट, इंजन तकनीक, नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम के साथ-साथ मजबूत ठिकानों को भेदने वाली तकनीक शामिल है। इस बरामदगी से आने वाले समय में रक्षा मामलों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं。

ईरानी एयर डिफेंस कमांडर का बड़ा बयान और अमेरिका का रुख

इसी बीच, 26 अगस्त 2026 को ईरानी आर्मी एयर डिफेंस फोर्स के कमांडर Alireza Elhami ने देश के भीतर ही हाई-परफॉर्मेंस एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन को बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष से मिले अनुभवों और सीख के आधार पर वे अपनी मौजूदा सैन्य तैनाती में बदलाव करेंगे। इस पूरे युद्ध के दौरान यह भी सामने आया है कि ईरानी हमलों की वजह से अमेरिकी खुफिया ढांचे और हार्डवेयर को अरबों डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 26 अगस्त को अपने बयान में कहा कि ईरान के भीतर अंदरूनी आर्थिक दबावों के कारण अमेरिका इस स्थिति में बहुत बड़े स्तर पर जीत रहा है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने विदेशी सहयोगियों को जानकारी दी कि अमेरिका फिलहाल कुछ समय के लिए नए हमले करने से बचेगा और सारा ध्यान सिर्फ आर्थिक दबाव बनाने पर केंद्रित रखेगा। इसके बावजूद जानकारों का मानना है कि जिस तरह से अमेरिका के हथियारों और गोला-बारूद का भारी मात्रा में खर्च हो रहा है, उससे भविष्य के अन्य संभावित संघर्षों के लिए सैन्य तैयारियों पर असर पड़ सकता है।

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