Iran News: ईरान में जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं, अमेरिका के दबाव के बीच सुरक्षा प्रमुख का बड़ा बयान.

अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच ईरान के अधिकारियों ने देश में खाने-पीने और जरूरी सामानों की कमी की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। 6 सितंबर 2026 को ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने साफ किया कि देश में बुनियादी चीजों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अकाल जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने इन अफवाहों के पीछे विदेशी प्रतिबंधों और आर्थिक घेराबंदी को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि इन दावों के बावजूद आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और देश की अर्थव्यवस्था लगातार दबाव में बनी हुई है।
ईरान में महंगाई और मुद्रा की स्थिति
आर्थिक हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 6 सितंबर को ईरान की करेंसी में भारी गिरावट दर्ज की गई और खुले बाजार में डॉलर का भाव थोड़े समय के लिए 23,000 तोमान के पार चला गया। तेहरान और खुजेस्तान प्रांत में लोगों ने महंगाई और घटती क्रय शक्ति के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों और शिक्षकों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि उनकी कमाई रियाल में है जबकि खर्चे डॉलर के हिसाब से हो रहे हैं। उद्योग मंत्रालय ने भले ही यह जानकारी दी हो कि गोदामों में करीब 1.7 अरब स्टेशनरी का सामान रखा है जो सालाना जरूरत 1.6 अरब से ज्यादा है, लेकिन इसके बावजूद इन सामानों के दाम 50 से 100 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं।
सरकार की नीतियां और अमेरिका का रुख
संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने महंगाई, बेरोजगारी, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और बाजार प्रबंधन की कमी को देश की मुख्य समस्याएं बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के हितों पर आगे कोई हमला हुआ तो उसका बहुत तेज और भारी जवाब दिया जाएगा। वहीं अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिजादेह ने स्पष्ट किया कि सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपनी घरेलू आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता देगी। दूसरी तरफ अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने अमेरिका के आर्थिक अभियान को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का नाम देते हुए कहा कि इसका मकसद प्रतिबंधों के जरिए ईरानी शासन को पूरी तरह से घेरना है।
आयात की मुश्किलें और सैन्य तनाव
ईरान के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी माना कि अमेरिकी दबाव को संभालना अब काफी मुश्किल होता जा रहा है और ईंधन तथा गेहूं जैसे जरूरी आयात को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। हालात को देखते हुए मोहसेन रेजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की योजना का ऐलान किया है, जहां से गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम तब उठाया गया जब 6 सितंबर को जलडमरूमध्य में एक मानव रहित अमेरिकी पोत को निशाना बनाने का दावा किया गया, हालांकि अमेरिकी सेना ने इससे इनकार किया। इस क्षेत्र में ईरान के तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों और बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों का सिलसिला भी लगातार जारी है जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।