Iran News: ईरान में अमेरिका और इसराइल से जुड़ा आतंकवादी संगठन हुआ खत्म, सुरक्षा बलों ने की बड़ी कार्रवाई.

ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में सुरक्षा बलों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिका और इसराइल से जुड़े आतंकवादी गिरोह को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। 29 अगस्त 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कुड्स हेडक्वार्टर ने इस सफल ऑपरेशन की आधिकारिक घोषणा की। इस अभियान को बहुत ही सावधानी के साथ अंजाम दिया गया जिसमें कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया। आम आदमी की भाषा में समझें तो यह कार्रवाई देश के अंदर किसी बड़े खतरे को टालने के लिए की गई थी ताकि आम जनता सुरक्षित रह सके।
ऑपरेशन में क्या-क्या हुआ बरामद
यह संयुक्त अभियान सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के सारावान इलाके में चलाया गया था। इस मिशन में IRGC ग्राउंड फोर्स के कुड्स हेडक्वार्टर के साथ-साथ प्रांतीय इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट, IRGC इंटेलिजेंस ऑर्गेनाइजेशन और देश की नेशनल पुलिस फोर्स ने मिलकर हिस्सा लिया। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार इस मुठभेड़ में आतंकवादी गिरोह का एक सदस्य मारा गया जबकि उसके 6 अन्य साथियों और समर्थकों को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई जिसमें 20 पैकेज विस्फोटक, हल्के और अर्ध-भारी हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और आधुनिक Starlink कम्युनिकेशंस हार्डवेयर शामिल हैं।
किस साजिश को अंजाम देना चाहते थे आतंकी
IRGC के अधिकारियों का आरोप है कि यह पूरा आतंकवादी समूह सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल के संपर्क में था। ये लोग सिस्तान और बलूचिस्तान के दक्षिणी इलाकों में पहले से तय किए गए ठिकानों पर बड़े हमलों को अंजाम देने की फिराक में थे। अधिकारियों ने बताया कि ये आतंकी उस कैंपेन का हिस्सा बनकर हमले करना चाहते थे जिसे IRGC ने 'यूएस वॉर अगेंस्ट ईरान' नाम दिया है और जो उनके दावे के मुताबिक 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव को और ज्यादा बढ़ाने का काम करती हैं जिस पर देश की सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए रखती हैं।
ईरान सरकार का कड़ा रुख और प्रतिक्रिया
इस बड़े ऑपरेशन के तुरंत बाद ईरान सरकार ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी नीति को पूरी तरह स्पष्ट किया। देश के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि देश की संप्रदाय और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए कूटनीति यानी कूटनीतिक प्रयास और रक्षा तैयारी दोनों ही बहुत जरूरी और आपस में जुड़े हुए साधन हैं। तेहरान सरकार ने इस मौके पर हाल ही में लगाए गए अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों की भी कड़ी निंदा की। सरकार ने इन प्रतिबंधों को 'स्टेट आतंकवाद' यानी राज्य प्रायोजित आतंकवाद और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया। साथ ही अधिकारियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अमेरिका और इसराइल की ऐसी साजिशों के खिलाफ अपना विरोध और प्रतिरोध पूरी ताकत के साथ जारी रखेंगे।