Iran News: ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका के साथ बातचीत का किया समर्थन, कहा यह राष्ट्रहित के लिए जरूरी है.

ईरान की राजनीति में इन दिनों अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है। 26 अगस्त 2026 को ईरानी सरकारी मीडिया में एक पत्र प्रकाशित हुआ, जिसमें ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने खुलकर अमेरिका के साथ संभावित बातचीत का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि बातचीत करना किसी भी तरह से पीछे हटना या कमजोरी दिखाना नहीं है, बल्कि यह देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का एक मजबूत जरिया है। उन्होंने इसे एक बड़ी जिम्मेदारी बताया और कहा कि कूटनीति हमेशा ताकत और समझदारी के साथ की जानी चाहिए।
घरेलू विरोध और राष्ट्रपति का रुख
संसद अध्यक्ष के इस बयान के बाद देश के भीतर से ही आलोचनाएं भी सामने आईं। कंजर्वेटिव अखबार Kayhan के मुख्य संपादक Hossein Shariatmadari ने इस बातचीत के विचार पर आपत्ति जताई थी। इसके जवाब में Ghalibaf ने कहा कि दुश्मन से बात करने से मना करना अपनी जिम्मेदारी से भागने जैसा है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी हाल ही में कहा था कि युद्ध को किसी न किसी मोड़ पर खत्म होना ही चाहिए और देश को अपनी ताकत बनाए रखते हुए किसी समझौते की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 26 अगस्त 2026 को बयान दिया कि ईरान के साथ बातचीत की मेज पर लौटने के लिए उनके पास कोई समय सीमा नहीं है और संघर्ष के छह महीने पूरे होने के करीब अमेरिका एक बड़ी जीत हासिल कर रहा है।
होरमुज़ जलडममध्य और क्षेत्रीय तनाव
क्षेत्रीय तनाव के बीच, ईरान और ओमान के बीच होरमुज़ जलडममध्य में बारूदी सुरंग हटाने के काम के साथ एक साझा और अस्थायी नौकायन गलियारे के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने की बात सामने आई। हालांकि, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इसका विरोध किया और चेतावनी दी कि जब तक साझा राजस्व से जुड़ी अमेरिकी शर्तों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक इस जलमार्ग को बंद रखा जाएगा। साथ ही, उन्होंने बातचीत में रुकावट डालने के लिए अमेरिका पर आरोप लगाया। Ghalibaf ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent द्वारा प्रतिबंधों को 'आर्थिक डी-डे' कहे जाने की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन एकतरफा और जबरन लगाए गए उपायों की निंदा करने की मांग उठाई।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और चीन-पाकिस्तान की भूमिका
ईरान के संसद अध्यक्ष ने Iran-China comprehensive strategic partnership की सराहना करते हुए बीजिंग द्वारा अमेरिकी दबाव को खारिज किए जाने का स्वागत किया। क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयासों के तहत पाकिस्तान भी अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत को दोबारा शुरू कराने की कोशिशों में जुटा हुआ है। कूटनीतिक मोर्चे पर चल रही इन हलचल आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों के लिए काफी अहम साबित हो सकती हैं।