Strait of Hormuz Tension: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर किया बड़ा दावा, दशकों की रणनीतिक प्लानिंग का दिया हवाला.

Aanya9 September 20263 min read51 viewsWorld
Strait of Hormuz Tension: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर किया बड़ा दावा, दशकों की रणनीतिक प्लानिंग का दिया हवाला.

फारस की खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच ईरान के एक पूर्व कमांडर ने बड़ा बयान दिया है। 9 सितंबर 2026 को पूर्व आईआरजीसी (IRGC) कमांडर इस्माइल कोसारी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की रक्षा करने की ईरान की मौजूदा क्षमता दशकों की रणनीतिक योजना का परिणाम है। इसकी ऑपरेशनल तैयारी ईरान-इराक युद्ध के समय से ही शुरू हो गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान अमेरिका या इजराइल की किसी भी उकसावे वाली गलती के बाद ही कड़ा कदम उठाएगा।

क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव और संघर्ष

सितंबर 2026 के पूरे महीने के दौरान इस क्षेत्र में सुरक्षा हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। 9 सितंबर को अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने कथित तौर पर जॉर्डन पर हमले किए। इसके एक दिन पहले यानी 8 सितंबर को आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक उन्नत अमेरिकी मानव रहित पानी के नीचे के वाहन (Dive-LD) को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके कुछ घंटे पहले ही एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को भी गिराए जाने का दावा किया गया था, हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस मानवरहित पोत वाले दावे से इनकार कर दिया।

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अमेरिकी सेना ने 8 सितंबर को यह जानकारी दी कि उन्होंने ईरान की 16 बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं को नष्ट कर दिया है और खार्ग द्वीप के पास ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान की इस तरह की हरकतों पर कड़ी चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 7 सितंबर को आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने घोषणा की थी कि उसने 5 सितंबर को एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और विध्वंसक को निशाना बनाया था। हालांकि CENTCOM ने पुष्टि की कि मिसाइलें जरूर छोड़ी गईं, लेकिन जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई।

समुद्र में अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान की चेतावनी

व्हाइट हाउस ने 8 सितंबर को साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से अमेरिकी नियंत्रण में है। अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी को लागू करते हुए 7 सितंबर तक 94 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदल दिया था, दो जहाजों पर बोर्डिंग की और तीन जहाजों को निष्क्रिय कर दिया था। इससे पहले 6 सितंबर को ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने चेतावनी दी थी कि ईरान के हितों पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र में अमेरिकी तेल और गैस के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की योजना का ऐलान किया, जहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। 1 सितंबर को एक ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने इस जलडमरूमध्य को बिना अनुमति के आने-जाने के लिए बंद घोषित कर दिया था। इस बात को बल तब मिला जब 2 सितंबर को आईआरजीसी ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी कि यदि इस क्षेत्र में जहाजों पर खदानें लगती हैं तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों के लिए चिंता का माहौल बना हुआ है।

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