ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान, मुस्लिम देशों से अमेरिका और इसराइल के खिलाफ एकजुट होने की अपील.

रविवार, 30 अगस्त 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक औपचारिक बयान जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने मुस्लिम देशों के प्रमुखों से अपने असली दुश्मन की पहचान करने और उनका मिलकर मुकाबला करने की बात कही है। यह संदेश खामेनेई के आधिकारिक टेलीग्राम अकाउंट पर 'इस्लामिक एकता सप्ताह' और पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर शेयर किया गया था।
अमेरिका और इसराइल को बताया असली दुश्मन
अपने इस बयान में खामेनेई ने साफ तौर पर अमेरिका और इसराइल का नाम लिया है। उन्होंने अमेरिका के शासकों को अपराधी और इसराइल को एक नकली शासन बताया है। उनका कहना है कि ये देश इस्लामिक एकता और भाईचारे के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने इन देशों पर आरोप लगाया कि वे दुनिया भर के मुसलमानों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे नस्ल, संस्कृति, समाज, अर्थव्यवस्था और भूगोल जैसी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सर्वोच्च नेता के मुताबिक ये ताकतें सिर्फ ईरान या इस्लामिक प्रतिरोध की ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका समेत पूरी मुस्लिम उम्माह की दुश्मन हैं।
उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर मुस्लिम देश आपस में एकजुट नहीं हुए, तो फिलिस्तीन के लोगों पर होने वाले अत्याचार और जुल्म ऐसे ही जारी रहेंगे। फिलिस्तीनी जनता की सुरक्षा और उनकी भलाई के लिए मुस्लिम देशों का एक साथ आना बहुत जरूरी है ताकि उन्हें कमजोर न समझा जाए।
छह महीने बाद सामने आया बड़ा संदेश
यह बयान बहुत अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले छह महीनों में मोजतबा खामेनेई का यह पहला बड़ा संबोधन है। इससे पहले वे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए थे। पिछले दिनों अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों में वे घायल हो गए थे। उसी हमले में उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस बड़ी घटना के बाद से उनका यह पहला आधिकारिक संदेश सामने आया है जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।