ईरान का बड़ा कदम, सरकारी कामों के लिए पश्चिमी सोशल मीडिया का होगा इस्तेमाल.

Praggya Singh sabal5 September 20262 min read18 viewsWorld
ईरान का बड़ा कदम, सरकारी कामों के लिए पश्चिमी सोशल मीडिया का होगा इस्तेमाल.

ईरान ने अपने देश में लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंधों में ढील देने का बड़ा फैसला लिया है। अब देश में सरकारी और आधिकारिक जानकारी साझा करने के लिए पश्चिमी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी। यह जानकारी 5 सितंबर 2026 को प्रथम उपराष्ट्रपति के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी अब्बास पाजुकी द्वारा एक बयान में सामने आई है। इस बदलाव से देश की इंटरनेट नीतियों में एक नया मोड़ आया है, जो राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की सरकार के तहत उठाया गया है।

इंटरनेट नीति में बदलाव और सरकारी निर्देश

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस साल गर्मियों में कार्यभार संभाला था और उनके सत्ता में आने के बाद से इंटरनेट नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। इसी हफ्ते ईरानी सांसद मोहम्मद बहरामी ने बताया कि सरकार सोशल मीडिया पर चल रही व्यापक सेंसरशिप को खत्म करने का इरादा रखती है। इस पूरी पहल की प्राथमिकता संचार मंत्री सत्तार हाशमी ने तय की है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने भी जनता के बीच बढ़ते असंतोष को देखते हुए इंटरनेट पर लगे कड़े प्रतिबंधों की समीक्षा करने की बात कही थी। इसके अलावा, 10 अगस्त 2026 को कार्यकारी शाखा ने एक नया नियम जारी किया जिसके तहत अब कोई भी ईरानी एजेंसी राष्ट्रपति की अनुमति के बिना किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या डिजिटल बिजनेस को अपनी मर्जी से ब्लॉक या सस्पेंड नहीं कर सकती है।

नियमों की पेचीदगियां और आम लोगों की स्थिति

एक तरफ सरकार जहां नरमी बरत रही है, वहीं दूसरी तरफ विनियामक यानी रेगुलेटरी सिस्टम अभी भी काफी जटिल बना हुआ है। 26 अगस्त 2026 को संसद सदस्यों के सामने 'साइबरस्पेस रेगुलेशन प्लान' नाम से एक नया ड्राफ्ट बिल पेश किया गया था। इस बिल को लेकर कई लोगों ने चिंता जताई है कि इससे सुप्रीम साइबरस्पेस काउंसिल के पास और ज्यादा ताकत आ जाएगी जिससे राज्य का नियंत्रण और अधिक बढ़ सकता है। हालांकि सरकार ने इसी साल मई 2026 में राष्ट्रपति के आदेश के बाद अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट एक्सेस को बहाल कर दिया था, लेकिन एक्स (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) और यूट्यूब जैसे बड़े प्लेटफॉर्म आम जनता के लिए अभी भी पूरी तरह से बंद हैं। आम नागरिक इन स्टेट-इंपोज्ड फिल्टर्स और बैन से बचने के लिए अभी भी वीपीएन का ही इस्तेमाल करते हैं। हैरानी की बात यह है कि आम जनता पर पाबंदियां जारी रहने के बावजूद ईरानी अधिकारी एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग लगातार करते आए हैं।

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