Iran ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को ठुकराने की की अपील, कहा कोई देश न माने US के आदेश.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने 28 अगस्त 2026 को एक औपचारिक घोषणा जारी करके दुनिया के सभी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को लागू करने से पूरी तरह से मना कर दें। मंत्रालय का साफ कहना है कि इन आर्थिक प्रतिबंधों में शामिल होना अमेरिका की मनमानी और गैर-कानूनी इच्छाओं को स्वतंत्र देशों पर थोपने में उसका साथ देने जैसा है। यह बड़ा कदम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा 24 अगस्त को शुरू किए गए Operation Economic Outcast के बाद उठाया गया है, जिसके तहत ईरान के कई सेक्टर जैसे डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग को निशाना बनाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र को लिखा गया पत्र
इस पूरे मामले में कूटनीतिक कोशिशों को आगे बढ़ाते हुए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष और सभी सदस्य देशों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने अमेरिकी अभियान को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। अब्बास अराघची ने इन नीतियों की वजह से आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाले बुरे असर की औपचारिक जांच की मांग की है, क्योंकि अमेरिकी नीतियों का मुख्य मकसद ईरान को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह बाहर करना है। इसके अलावा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने वॉशिंगटन की नीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक मज़ाक बताया और अमेरिका द्वारा किसी भी तरह का गठबंधन बनाने के प्रयासों का मज़ाक उड़ाया।
क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री तनाव
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि उनका देश क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े समझौते करने के लिए पूरी तरह तैयार है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस वक्त ईरान आर्थिक युद्ध के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। समुद्री रास्तों और जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव अभी भी बहुत ज्यादा बना हुआ है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मौजूदा समुद्री नाकाबंदी ऐसे ही जारी रही, तो ईरान अमेरिका के आर्थिक हितों को निशाना बनाएगा। उन्होंने साफ कहा कि Strait of Hormuz तब तक बंद रहेगी जब तक अमेरिका की शर्तें पूरी नहीं होतीं। दूसरी तरफ, सेना से जुड़ी रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ईरान और ओमान के अधिकारियों के बीच आने वाले समय में जहाजों के लिए एक अस्थायी रास्ता निकालने को लेकर बातचीत हुई है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक कोशिशें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह बातचीत शुरू करने की जल्दी में नहीं हैं और उनका मानना है कि अमेरिका के आर्थिक और सैन्य कदम पूरी तरह असरदार साबित हो रहे हैं। अमेरिकी खजाने के सचिव Scott Bessent अगले हफ्ते की शुरुआत में नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को मिलने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद करने के लिए देशों को एकजुट करना है। इस बीच कतर, ओमान और पाकिस्तान जैसे देश तनाव को कम करने के लिए लगातार कूटनीतिक कोशिशें कर रहे हैं, जबकि चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों को गैर-कानूनी और एकतरफा घोषित करते ہوئے ईरान के साथ अपने आर्थिक संबंध बनाए रखने का ऐलान किया है।