Iran Attack Update: ईरान के हमलों से कुवैत और यूएई में मचा हड़कंप, अमेरिका ने दी कड़ी प्रतिक्रिया.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान के कुहेस्तक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले में नागरिकों के मारे जाने की खबरों पर गहरी शंका जताई है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना कभी भी जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है, लेकिन युद्ध के मैदान में कभी-कभी ऐसी अप्रिय घटनाएं हो जाती हैं। व्हाइट हाउस इस पूरे मामले की पूरी जांच कर रहा है और उन्होंने इन खबरों को ईरान के सरकारी मीडिया का प्रोपेगेंडा बताया है।
हमले में बढ़ी मृतकों की संख्या
इस कथित हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है, क्योंकि 4 सितंबर 2026 को एक अस्पताल में 22 साल की महिला ने दम तोड़ दिया। शुरुआत में ईरानी मीडिया और रेड क्रीसेंट ने 4 लोगों की मौत की पुष्टि की थी जिसमें एक बच्चा भी शामिल था और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके अलावा ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 18 लोग मारे गए और 142 घायल हुए। हथियारों के जानकारों ने रीटर द्वारा सत्यापित विजुअल सबूतों की जांच के बाद बताया कि यह धमाका सीधे अमेरिकी हथियार के गिरने से हुआ था।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय अदालत का रुख
इस घटना के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस हमले को युद्ध अपराध करार दिया। ईरानी रेड क्रीसेंट ने इस मामले की जांच के लिए इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC में याचिका दायर की है। वहीं दूसरी तरफ ईरान के पहले उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने देश के लिए बहुस्तरीय और कड़े जवाब का वादा किया है, जबकि रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख Ahmad Vahidi ने पीड़ितों का बदला लेने की कसम खाई है।
कुवैत और यूएई पर जवाबी हमले
4 सितंबर को ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। कुवैती सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने देश की तरफ आ रही मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही रोक लिया, हालांकि UAE ने अपने यहां किसी भी हमले की बात से इनकार किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता ने कहा कि सेना इन सभी रिपोर्ट्स की समीक्षा कर रही है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्पष्ट किया कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक अमेरिका ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।