ईरान हमले के जवाब में अपनी सारी क्षमता इस्तेमाल करेगा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अमेरिका और इज़राइल पर हमलों का आरोप लगाया और हॉर्मुज़ पर चेतावनी दी। पूरी खबर पढ़ें।

Gautam Sahu13 October 20262 min read18 viewsWorld
ईरान हमले के जवाब में अपनी सारी क्षमता इस्तेमाल करेगा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि देश पर हमला रोकने के लिए ईरान अपनी हर उपलब्ध क्षमता का इस्तेमाल करने को पूरी तरह तैयार है। तुनिशिया के अख़बार अल-शुरूक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह बात 13 अक्टूबर 2026 को कही। ईरान विदेश मंत्रालय की ओर से यह सख़्त रुख़ ऐसे समय में आया है जब इलाके में तनाव बना हुआ है।

बक़ाई के मुताबिक ईरान की "तीन दौर की वीरतापूर्ण रक्षा" ने अस्तित्व के खतरों का सामना करने की देश की तैयारी को काफ़ी मज़बूत किया है। उन्होंने अमेरिका और इज़राइल की मौजूदा कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ़ उल्लंघन बताया। आवासीय इलाकों, बुनियादी ढांचे और समुद्री जहाज़ों पर हमलों के साथ नौसैनिक नाकेबंदी को भी उन्होंने युद्ध अपराध करार दिया।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूदा अस्थिरता अमेरिका और "ज़ायोनी शासन" की भड़काऊ नीतियों और आक्रामक रुख़ का सीधा नतीजा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति पर की गई टिप्पणियों पर भी बक़ाई ने जवाब दिया। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि जब तक अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी और सैन्य दबाव जारी रखेगा, तब तक इस रणनीतिक जलमार्ग पर सुरक्षा लौटेगी। बक़ाई ने कहा कि इलाके की असुरक्षा के लिए अमेरिका ही सबसे बड़ा ज़िम्मेदार पक्ष है।

इसी बीच ईरानी सेना की कमान ने चेतावनी दी है कि वॉशिंगटन की ओर से कोई भी और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई होने पर ईरान अमेरिकी सैन्य तैनाती केंद्रों और क्षेत्र में उसके हितों पर हमला करेगा। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका नए हमले शुरू करता है, तो तेहरान पड़ोसी देशों में अपनी सेनाएं भेज सकता है। हालांकि बक़ाई ने कहा कि ईरान टकराव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन किसी भी आक्रमण का जवाब वह अनुपात से कहीं ज़्यादा सख़्ती से देगा।

सुरक्षा मुद्दों के अलावा बक़ाई ने पुष्टि की कि ईरान हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बातचीत कराने के लिए तैयार है। बुनियादी ढांचे के सहयोग पर उन्होंने बताया कि चाबहार बंदरगाह पर अफ़ग़ान निवेश के लिए ज़मीन आवंटन की चर्चा का मकसद समुद्र तक न पहुंच वाले अफ़ग़ानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों तक पहुंच देना है। उन्होंने साफ़ किया कि इससे ईरान की संप्रभुता किसी और को नहीं सौंपी जा रही है।

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