मध्य पूर्व में शांति के लिए ईरान ने की सऊदी और तुर्की के मंत्रियों से बात, क्षेत्रीय तनाव पर हुई चर्चा।

शनिवार, 6 सितंबर 2026 को ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सऊदी अरब और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने को लेकर जरूरी चर्चा की गई। क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी रिश्तों को मजबूत करने के लिए यह कूटनीतिक कदम उठाया गया है ताकि बढ़ते तनाव पर रोक लगाई जा सके।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और अमेरिका पर आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय और आधिकारिक टेलीग्राम चैनल से मिली जानकारी के मुताबिक, बातचीत का मुख्य केंद्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की स्थिति थी। तेहरान ने इस क्षेत्र में फैली अशांति के लिए अमेरिका की आक्रामक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। ईरान ने पहले भी व्यावसायिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों को युद्ध अपराध बताया था। इसके साथ ही ईरान की नौसेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अनाधिकृत जहाजों के रास्तों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की थी।
अमेरिका और तेहरान के बीच बातचीत की स्थिति
तुर्की के राजनयिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan और ईरानी विदेश मंत्री के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही वार्ताओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जून 2026 में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन सुरक्षा नियमों पर असहमति के कारण यह प्रक्रिया अभी रुकी हुई है।
यह पूरा घटनाक्रम 28 फरवरी को शुरू हुए तनाव के बाद एक बहुत ही संवेदनशील मोड़ पर है, जब अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन दागे थे। मंत्रियों ने इस बात पर चिंता जताई कि अगर सैन्य टकराव जारी रहा तो इससे पूरे क्षेत्र में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं और स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।