जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला, लाल सागर के पास अक़ाबा शहर के पास दिखे धमाके.

Nura Basta30 August 20262 min read32 viewsWorld
जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला, लाल सागर के पास अक़ाबा शहर के पास दिखे धमाके.

मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि 30 अगस्त 2026 को ईरान ने जॉर्डन के कई ठिकानों पर जोरदार मिसाइलें दाग दीं। इस हमले में जॉर्डन के दक्षिणी शहर अक़ाबा के पास और एक एयरबेस को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद रहते हैं। इस बड़ी घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोग काफी डरे हुए हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी फौजों ने लारक द्वीप पर मौजूद दो ईरानी मिसाइल लॉन्चर्स पर अचानक हमले किए। अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वहां के हालात देखकर लग रहा था कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के सैनिक होरमुज जलडमरूमध्य में सी-माइन्स से लैस रॉकेट तैनात करने की तैयारी कर रहे थे। अमेरिका का मानना था कि यह कदम उनके जहाजों और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।

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अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद IRGC ने एक आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें दावा किया गया कि लारक द्वीप पर हुई इस अमेरिकी कार्रवाई में उनके कई सैनिक और आम नागरिक मारे गए और घायल हो गए। इस नुकसान के बाद तेहरान ने कसम खाई कि वे इस घटना का कड़ा जवाब देंगे और दोषियों को सजा दिलाएंगे। इसके बाद ही ईरान की तरफ से यह जवाबी मिसाइल हमला किया गया।

अमेरिकी और जॉर्डन सरकार का बयान

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए एक अमेरिकी सूत्र ने इस हमले की पुष्टि की और बताया कि IRGC ने जॉर्डन की तरफ मिसाइलें छोड़ी थीं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि वहां मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम ने लगभग सभी आने वाली मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। अमेरिकी सूत्र के मुताबिक इस हमले से फिलहाल किसी भी बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अक़ाबा शहर के आसपास तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आम लोगों में अफरातफरी मच गई। हालांकि, 31 अगस्त 2026 तक जॉर्डन सरकार और अमेरिकी सेना की तरफ से नुकसान या घायलों को लेकर कोई पूरी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। जॉर्डन की सेना ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे अपने देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर आने वाले किसी भी खतरे का पूरी ताकत से जवाब देंगे। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के मन में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो रही हैं।

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