BRICS Summit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी अहम मुलाकात

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian शुक्रवार 11 सितंबर 2026 को तेहरान से रवाना होकर दिल्ली पहुंच चुके हैं। यह दौरा भारत और ईरान के रिश्तों के लिए बेहद खास है क्योंकि पिछले आठ सालों में किसी ईरानी राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली भारत यात्रा है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का विमान दोपहर 2:00 बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा जहां उनका स्वागत किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना और दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करना है। भारत और ईरान के बीच पुराने ऐतिहासिक संबंध रहे हैं जिन्हें मौजूदा समय में और आगे ले जाने की तैयारी चल रही है।
पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक और ब्रिक्स सम्मेलन
ईरान के राष्ट्रपति शुक्रवार शाम 6:15 बजे भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ शिखर सम्मेलन स्थल Bharat Mandapam में एक अहम द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 सितंबर से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने जानकारी दी है कि तेहरान नई दिल्ली के साथ अपने पुराने संबंधों को बहुत महत्व देता है और इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। द्विपक्षीय बातचीत के अलावा राष्ट्रपति पेजेश्कियन प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping सहित अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे।
क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
यह कूट ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव और संघर्ष जारी है। ऐसे हालात में राष्ट्रपति पेजेश्कियन प्रधानमंत्री मोदी से यह आग्रह करेंगे कि भारत क्षेत्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे। इसके अलावा, ईरान यह भी चाहता है कि प्रस्तावित ब्रिक्स दिल्ली घोषणापत्र में ईरान के खिलाफ हुई कथित अवैध आक्रामकता की कड़ी निंदा को शामिल किया जाए। हालांकि रिपोर्टों के अनुसार, इस दस्तावेज को लेकर अभी ईरान और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के बीच एक आम सहमति नहीं बन पाई है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात इसी साल 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस बैठक में भी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए भारत से मदद मांगी थी, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की पुरानी दोस्ती निभाने और ईरान के साथ आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।