Strait of Hormuz में ईरान और जहाज के बीच हुई भिड़ंत, अमेरिका की चेतावनी के बाद भी तनाव जारी.

Nura Basta26 August 20262 min read48 viewsWorld
Strait of Hormuz में ईरान और जहाज के बीच हुई भिड़ंत, अमेरिका की चेतावनी के बाद भी तनाव जारी.

फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 26 अगस्त 2026 को एक ईरानी युद्धपोत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे एक जहाज को रोक लिया। इस क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ है जिसकी वजह से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। 25 अगस्त को मिले आंकड़ों से पता चलता है कि इस रास्ते से सिर्फ पांच कमोडिटी जहाज ही गुजर सके जो कि पहले के 10 दिनों के औसत 15 जहाजों से काफी कम हैं। संघर्ष शुरू होने से पहले यहां हर रोज 130 से ज्यादा जहाज निकलते थे लेकिन अब स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। इसके अलावा 24 अगस्त को ओमान के तट के पास एक ऑयल टैंकर के इंजन रूम में एक प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल जैसा गोला लगने से नुकसान पहुंच गया था। गनीमत यह रही कि जहाज का क्रू सुरक्षित है हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हमला कहां से हुआ था।

ओमान और ईरान के बीच बातचीत

इस तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं और ईरान तथा ओमान मिलकर एक 'संयुक्त अस्थायी नौवहन गलियारे' और खदान हटाने के अभियानों पर चर्चा कर रहे हैं। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने इस बातचीत को बहुत ही सकारात्मक बताया है। वहीं दूसरी ओर ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबबादी ने कहा कि अगर यह समझाइश कानूनन पक्की हो जाती है तो फिर इस रास्ते से सैन्य जहाजों के निकलने पर पूरी पाबंदी लगा दी जाएगी। ईरान ने जहाजों के आने-जाने के लिए एक टोल सिस्टम का प्रस्ताव भी रखा है जिसके तहत प्रति बैरल 1 डॉलर या फिर हर जहाज पर 20 लाख डॉलर तक का चार्ज वसूलने की बात कही गई है। अमेरिका ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से गैरकानूनी करार दिया है।

अमेरिका की जीरो टॉलरेंस नीति

वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी नौसेना ने मुख्य नौवहन मार्ग से बारूदी सुरंगे यानी माइंस को हटा दिया है। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान ने फिर से पानी में माइंस बिछाने की कोशिश की तो ऐसे जहाजों को तुरंत और पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि इन सब के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति को उम्मीद है कि यह संघर्ष बहुत जल्द ही खत्म हो जाएगा। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अब आर्थिक दबाव बनाने पर जोर दिया है और कहा है कि जब तक ईरान खुद कोई हमला नहीं करता तब तक अमेरिका की तरफ से कोई नया हमला नहीं किया जाएगा। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने चेतावनी दी है कि अगर हालात और बिगड़े तो इसका असर पूरे इलाके की ऊर्जा और संचार व्यवस्था पर पड़ सकता है। ईरान का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता, मुआवजा नहीं देता और प्रतिबंधों को खत्म नहीं करता तब तक यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा।

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