इराक की बड़ी जीत: अब खुद संभालेगा सुरक्षा का जिम्मा, अमेरिकी गठबंधन का मिशन खत्म
Iraq assumes full control of national security as the US-led coalition mission concludes. Prime Minister Al-Zaidi hails a new era for the nation.

इराक ने अपने इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। अमेरिकी नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के मिशन के औपचारिक रूप से समाप्त होने के बाद, बगदाद ने अब देश की राष्ट्रीय सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाल ली है। 1 अक्टूबर, 2026 को पूरे इराक में इस बदलाव का जश्न मनाया गया, जिसे देश की पूर्ण संप्रभुता की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
इतिहास का एक नया अध्याय: पीएम अल-ज़ैदी का संबोधन
एक औपचारिक हैंडओवर समारोह की अध्यक्षता करते हुए, इराक के प्रधानमंत्री अली फलेह अल-ज़ैदी ने इस वापसी को "इराकी राज्य के इतिहास में एक नया दिन" करार दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि गठबंधन का सैन्य मिशन समाप्त हो गया है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जारी रखने का संकल्प अटूट है।
प्रधानमंत्री ने इस बदलाव के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह कदम निम्नलिखित स्तंभों की ओर बढ़ना है:
- इराक की पूर्ण संप्रभुता
- राष्ट्रीय संस्थानों की मजबूती
- सुरक्षा बलों की तत्परता
- निर्णय लेने की प्रक्रिया में एकता
- मित्र देशों के साथ संतुलित साझेदारी
अमेरिकी सेना की वापसी और मिशन की सफलता
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने अपनी वापसी पूरी कर ली है, जिसमें एर्बिल एयर बेस से कर्मियों और उपकरणों को हटाना भी शामिल है। उन्होंने इस 12 साल लंबे सैन्य अभियान को सफल बताया, जिसने ISIS को एक संगठित खतरे के रूप में खत्म करने में मदद की। अब यह रिश्ता एक युद्धकालीन गठबंधन से बदलकर एक द्विपक्षीय सुरक्षा साझेदारी में तब्दील हो जाएगा।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने भी स्पष्ट किया कि हालांकि मिशन का स्वरूप बदल गया है, लेकिन भविष्य में ISIS से जुड़े किसी भी खतरे से निपटने के लिए अमेरिकी और गठबंधन बल क्षेत्र में तैयार रहेंगे।
भविष्य की चुनौतियां और सुरक्षा संबंधी चिंताएं
जहाँ एक ओर बगदाद इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कुछ गंभीर चिंताएं भी सामने आई हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय निकायों ने कुछ संभावित खतरों की ओर इशारा किया है:
- सुरक्षा शून्यता का डर: कुर्द क्षेत्रीय सरकार के पेशमर्गा मंत्रालय ने चिंता जताई है कि एकीकृत रक्षा प्रणाली के बिना ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ सकता है।
- मिलिशिया का प्रभाव: कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि अमेरिकी सेना की वापसी के बाद ईरान समर्थित मिलिशिया का प्रभाव बढ़ सकता है।
- केंद्रीकृत नियंत्रण: इराक सरकार ने सभी राज्य हथियारों पर नियंत्रण को केंद्रीकृत करने का वादा किया है ताकि स्थिरता बनी रहे।
प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार कासिम अल-अराजी ने कहा कि भविष्य में सुरक्षा और खुफिया सहयोग अब द्विपक्षीय माध्यमों से पूर्व गठबंधन सदस्यों के साथ किया जाएगा। यह बदलाव 2024 में हुए समझौते का परिणाम है, जो इराक में दो दशकों से चल रही अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के अंत का प्रतीक है।