हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा हमला, टोगो का तेल टैंकर जलाया, सऊदी अरब में भी ड्रोन से तबाही.

फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर से बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने ओमान के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया है और उस पर कब्जा कर लिया है। इस घटना के दौरान जहाज में भीषण आग लग गई, जिससे समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बहुत बड़ा संकट मंडराने लगा है। इस बीच, सऊदी अरब के ताइफ शहर में भी ड्रोन हमलों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने की खबर सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला और ईरान का दावा
ईरान की सरकारी मीडिया और खबरों के अनुसार, IRGC ने टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Trend पर हमला किया और उसे अपनी हिरासत में ले लिया। यह घटना ओमान के खासब से लगभग 16 नॉटिकल मील उत्तर पूर्व में हुई। ईरान का कहना है कि यह जहाज अवैध रूप से बिना अनुमति के इस जलमार्ग से गुजर रहा था और उसे अमेरिकी सेना द्वारा गुमराह किया गया था। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी इस इलाके में गुरुवार रात एक सुरक्षा घटना की पुष्टि की है। ईरान लगातार इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स वसूलने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानता है और किसी भी तरह के अवैध शुल्क का विरोध करता है।
सऊदी अरब में ड्रोन हमलों से नुकसान और हताहत
दूसरी तरफ, एक साथ कई मोर्चों पर तनाव बढ़ने के कारण हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए। सऊदी सिविल डिफेंस ने जानकारी दी कि ताइफ शहर में एक इंटरसेप्टेड ड्रोन का मलबा गिरने से एक यमनी निवासी की मौत हो गई, एक सऊदी महिला घायल हो गई और एक पाकिस्तानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। इन हमलों की वजह से कई इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। अबू धाबी के विदेश मंत्रालय ने मक्का को निशाना बनाकर किए गए हौथी ड्रोन प्रयास की कड़ी निंदा की है और इसे सऊदी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है, हालांकि हौथियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
हौथी प्रवक्ता याहिया सारेई ने बयान दिया कि सऊदी वायु सेना के F-15 लड़ाकू विमानों ने पिछले 24 घंटों में ताएज, मारिब और होदेइदाह में 40 हवाई हमले किए। हौथियों का दावा है कि उन्होंने मारिब के ऊपर जमीन से हवा में मार करने वाली अपनी एक मिसाइल से सऊदी F-15 विमान को मार गिराया है। इसके अलावा यानबू और दक्षिणी एयरबेस पर भी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए गए हैं। हालांकि, रियाद की तरफ से विमान के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर मलबे के वीडियो तेजी से प्रसारित किए जा रहे हैं।
ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संकट और कच्चे तेल की कीमतें
इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए सऊदी अरब जिस ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल करता था, वह पिछले हफ्ते इराक से हुए ड्रोन हमलों के बाद से अभी तक बंद पड़ी है। अपनी तेल आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सऊदी अरब इस समय ओमान के सोहर तट के पास जहाज से जहाज पर तेल का ट्रांसफर कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर हौथी बलों ने बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में पेरीम द्वीप पर कब्जा कर लिया है, जिससे इस क्षेत्र में दोतरफा खतरा पैदा हो गया है। कतर ने पहले ही चेतावनी दी है कि बाब अल-मंदाब तक पहुंच खोना दुनिया भर के लिए बहुत बड़ी तबाही साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जो इस हफ्ते की शुरुआत में 108 डॉलर तक पहुंच गई थीं.
कूटनीतिक प्रयास और अमेरिका की भूमिका
मौजूदा हालात को देखते हुए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत लगभग ठप नजर आ रही है। ओमान में होने वाली जीसीसी-ईरान शिपिंग बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य की कानूनी स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के बीच भारी गतिरोध बना हुआ है, और बहरीन ने तेहरान के साथ बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से उच्च स्तरीय बातचीत की, जो इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से दोनों देशों के बीच पहला ऐसा बड़ा संपर्क माना जा रहा है।
इस बीच, अमेरिका ने सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर की लागत से 48 F-35 फाइटर जेट बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अगले हफ्ते होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान जीसीसी नेताओं को न्यूयॉर्क आने का आमंत्रण दिया है, और उन्हें पूरा विश्वास है कि ईरान किसी समझौते के करीब पहुंच रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने लगातार जारी संघर्ष के बीच ओमान में हौथी प्रतिनिधियों के साथ भी गुप्त बैठकें की हैं, ताकि स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया जा सके।