Strait of Hormuz में ईरान का बड़ा कदम, अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन किया जब्त और MQ-1 एयरक्राफ्ट को किया तबाह.

फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के इलाके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच 8 सितंबर 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है। ईरान की सेना ने अमेरिका के मानवरहित सैन्य वाहनों के खिलाफ दो बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने की बात कही है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। आम लोगों और इस रूट से सफर करने वालों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।
कब्जे में लिया गया अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईआरजीसी की नौसेना ने सुबह के वक्त एक खुफिया और बेहद जटिल अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना के एक एडवांस्ड अनमैंड अंडरवाटर व्हीकल यानी UUV को सफलतापूर्वक अपने कब्जे में ले लिया गया। ईरानी सेना ने जिस ड्रोन को पकड़ा है, उसकी पहचान Anduril Dive-LD ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल के रूप में हुई है। अमेरिकी सेना को यह आधुनिक उपकरण साल 2025 में ही मिला था। अब इस ड्रोन को ईरानी सेना ने अपने कब्जे में रख लिया है और इसे एक बड़ी ट्रॉफी के रूप में दिखाया जा रहा है।
यह पकड़ा गया अंडरवाटर ड्रोन आकार में लगभग 5.8 मीटर लंबा है और इसका वजन करीब तीन मीट्रिक टन है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी इंसान के लगातार 10 दिनों तक पानी के भीतर काम कर सकता है। यह मशीन समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक जाने की ताकत रखती है। आईआरजीसी ने जानकारी दी कि इस वाहन का इस्तेमाल मुख्य रूप से जासूसी, पानी के भीतर बिछाई जाने वाली खदानों की निगरानी और समुद्र के नक्शे तैयार करने जैसे संवेदनशील कामों के लिए किया जाता है।
एमक्यू-1 ड्रोन को भी किया गया नष्ट
समुद्र के भीतर हुई इस कार्रवाई के साथ-साथ ईरान ने हवा में भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। आईआरजीसी ने रिपोर्ट दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर आसमान में उड़ रहे कम से कम एक और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार दो एडवांस्ड MQ-1 Predator ड्रोन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। अमेरिका की तरफ से अभी तक इन दोनों ही घटनाओं पर यानी अंडरवाटर ड्रोन के पकड़े जाने और विमान के नष्ट होने पर कोई भी आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं दी गई है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है।
क्षेत्रीय तनाव और नाकाबंदी का असर
ये सारी घटनाएं उस समय सामने आ रही हैं जब पूरा क्षेत्रीय इलाका भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बहुत ही महत्वपूर्ण जलमार्ग है जहां से दुनिया भर के जहाजों की आवाजाही होती है। इस समय यह पूरा जलमार्ग ईरान द्वारा फरवरी के आखिर में शुरू की गई नाकाबंदी की वजह से प्रभावित चल रहा है। ईरान की इस कार्रवाई के जवाब में संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की जवाबी नाकाबंदी कर रखी है। इस खींचतान की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बना हुआ है।