खाड़ी में तनाव चरम पर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी युद्धपोतों पर दागी मिसाइलें.

Nura Basta6 September 20262 min read29 viewsWorld
खाड़ी में तनाव चरम पर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी युद्धपोतों पर दागी मिसाइलें.

खाड़ी देशों में सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया कि उसने अमेरिकी विमान वाहक पोत और एक विध्वंसक जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरान का आरोप था कि ये अमेरिकी युद्धपोत ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और नौकायन पर रोक लगा रहे थे। इस बड़ी घटना के बाद क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।

अमेरिकी सेना का पलटवार और कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि की और बताया कि उनकी सेना ने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकर्स को निशाना बनाया। खाड़ी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान खाग द्वीप के पास M/T Downy और जास्के के पास M/T Stark 1 टैंकर्स को पूरी तरह से बेकार कर दिया गया। इसके अलावा ओमान की खाड़ी में एक तीसरे टैंकर M/T Kylo (जिसे Noxen भी कहा जाता है) को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अधिकारियों के बयान और आर्थिक प्रतिबंध

CENTCOM के एडमिरल Brad Cooper ने जानकारी दी कि अमेरिका ईरानी जहाजों पर हमलों के बाद उनके तेल बेड़े पर आर्थिक दबाव बनाना जारी रखेगा। वहीं अमेरिका के युद्ध सचिव Pete Hegseth ने भी स्पष्ट किया कि अगर अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका ईरानी टैंकर्स को नष्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और आगे का खतरा

इस अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि नौकायन पर रोक और नाकाबंदी जारी रही, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। यह पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब IRGC की नौसेना ने तीन ऐसे तेल टैंकर्स के खिलाफ कार्रवाई की जो अनधिकृत रूट का इस्तेमाल कर रहे थे और साथ ही तीन अमेरिकी से जुड़े जहाजों को भी रोका गया था। खाड़ी देशों में बढ़ते इस तनाव का असर वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment