ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हमला, सऊदी अरब में ड्रोन का मलबा गिरने से एक की मौत.

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में हुई घटनाओं ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बड़े तेल टैंकर पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा के हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं और इसका असर वहां काम करने वाले प्रवासियों तथा सामान्य जनजीवन पर भी पड़ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की कि उन्होंने 18 सितंबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर 'Trend' को निशाना बनाया। अधिकारियों का कहना था कि यह टैंकर अवैध रूप से रास्ता पार कर रहा था। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने ओमान के खासब से लगभग 16 नॉटिकल मील उत्तर पूर्व में इस सुरक्षा घटना को रिकॉर्ड किया। इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई और वह रुक गया, लेकिन गनीमत यह रही कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और तेल फैलने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला जहाजी ट्रैफिक घटकर रोजाना केवल चार कमोडिटी जहाजों तक सीमित रह गया है।
सऊदी अरब में ड्रोन के मलबे से तबाही
एक तरफ समुद्र में जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ यमन सीमा के पास भी संघर्ष तेज हो गया है। सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, 16 से 17 सितंबर 2026 के बीच ताइफ प्रांत में एक रोके गए हूथी ड्रोन का मलबा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा मक्का के दक्षिण में एक हूथी ड्रोन को नष्ट करने के दावे के ठीक बाद सामने आई। दूसरी ओर, हूथियों ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया और आरोप लगाया कि सऊदी हवाई हमलों ने ताइज, हज्जा, मारिब और होदेइदाह को प्रभावित किया है। हूथियों ने एक सऊदी F-15 लड़ाकू विमान को गिराने का दावा भी किया है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने बताया कि लाल सागर के तट पर विस्थापन 1,00,000 से अधिक हो गया है, क्योंकि हूथी बलों ने मोचा और पेरिम द्वीप सहित यमन के लाल सागर तट पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
राजनयिक प्रयास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मक्का को निशाना बनाने के हूथी प्रयासों की कड़ी निंदा की है, साथ ही खमीस मुशायट, अभहा और ताइफ पर हुए पिछले हमलों का भी जिक्र किया। बहरीन, कतर, ओमान और सऊदी अरब के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की कानूनी स्थिति को लेकर लगातार कूटनीतिक बैठकें चल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वे ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई को लेकर एक बड़े फैसले पर विचार कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराकची के भी शामिल होने की संभावना है। इस बीच, शिपिंग मार्गों में व्यवधान और सऊदी बुनियादी ढांचे पर लगातार मंडराते खतरों के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता का माहौल है। खाड़ी देशों में यात्रा करने वाले और वहां बसने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी इन हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि सुरक्षा से जुड़ी हर जानकारी समय पर मिलती रहे।