Islamabad and Rawalpindi Weather Update: भारी मानसूनी बारिश से इस्लामाबाद और रावलपिंडी बेहाल, 16 साल का टूटा रिकॉर्ड

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को सुबह-सुबह मानसूनी बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि पिछले 16 साल का रिकॉर्ड टूट गया। इस भारी बारिश की वजह से चारों तरफ पानी भर गया है, जिससे सड़कें पानी में डूब चुकी हैं और लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है। मौसम विभाग यानी Pakistan Meteorological Department (PMD) के अनुसार, यह बारिश का सिस्टम इलाके में 4 या 5 सितंबर तक ऐसा ही बना रहेगा। विभाग ने पहले ही पहाड़ी नालों और स्थानीय नदियों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दे दी थी।
रावलपिंडी में बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
सुबह 8:20 बजे तक दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, रावलपिंडी के शमसाबाद इलाके में 201mm, न्यू कट्टारियन में 186mm, गोलरा में 157mm और सैदपुर में 104mm बारिश दर्ज की गई। हालात इतने खराब हो गए कि रावलपिंडी जिला प्रशासन को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में सार्वजनिक अवकाश यानी छुट्टी घोषित करनी पड़ी। वहीं, इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर इरफान नवाज मेमन ने जानकारी दी कि रावल डैम में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिसके कारण 1 सितंबर को दोपहर 2 बजे डैम के स्पिलवे खोलने पड़े। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नालों के आसपास बिल्कुल न जाएं।
प्रशासन और राहत एजेंसियां हाई अलर्ट पर
रावलपिंडी में नल्लाह लाई (Nullah Lai) का जलस्तर कट्टारियन के पास 29 फीट और गव्हलमंडी के पास 28.5 फीट तक पहुंच गया। यह पानी निकासी के खतरे के निशान यानी 20 फीट से काफी ज्यादा है, जिसकी वजह से गरीबबाद और कट्टारियन जैसे संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरे संकट से निपटने के लिए National Disaster Management Authority (NDMA) ने अपनी इमरजेंसी रिस्पांस कमेटी की 17वीं बैठक बुलाई। इस बैठक की अध्यक्षता योजना और विशेष पहल के संघीय मंत्री प्रोफेसर डॉ. अहसन इकबाल ने की, ताकि देश की तैयारियों का जायजा लिया जा सके।
मंत्री अहसन इकबाल ने पुष्टि की कि Water and Sanitation Agency (WASA) और Rescue 1122 समेत सभी राहत एजेंसियां पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। शमसाबाद, सादिकबाद और धोके फरमान अली में लोगों के घरों के अंदर तक पानी भर जाने से भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, इस्लामाबाद के अधिकारियों ने बताया कि गौरी टाउन फेज 2 में अवैध निर्माण की वजह से पानी की निकासी का सिस्टम फेल हो गया, जबकि ई-11 सेक्टर में पानी भर जाने से रिहायशी इमारतों के बेसमेंट डूब गए। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है, क्योंकि सड़कों पर फंसे वाहनों को हटाने और निचले इलाकों से पानी निकालने का काम लगातार जारी है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप PMD Press Releases और PID Press Release पर जा सकते हैं।