सऊदी अरब के जेद्दा में हुआ बड़ा चुनाव, इस्माइल औल्ड शेख अहमद बने OIC के नए महासचिव.

इस्लामी सहयोग संगठन यानी OIC की ओर से एक बहुत बड़ा फैसला सामने आया है। गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को संगठन के विदेश मंत्रियों की परिषद ने मोरक्को के पास स्थित देश मॉरिटानिया के पूर्व विदेश मंत्री Ismail Ould Cheikh Ahmed को संगठन का नया महासचिव चुन लिया है। यह पूरा चुनाव सऊदी अरब के जेद्दा शहर में स्थित OIC General Secretariat के मुख्य कार्यालय में आयोजित किया गया था, जो परिषद की 23वीं असाधारण बैठक का हिस्सा था। नए चुने गए महासचिव इस्माइल औल्ड शेख अहमद चाड के रहने वाले निवर्तमान महासचिव Hussein Ibrahim Taha की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल इस साल नवंबर 2026 में पूरा होने वाला है। इस खबर की अधिक जानकारी के लिए आप OIC Official Source पर जा सकते हैं।
चुनावी प्रक्रिया और पांच साल का कार्यकाल
संगठन के तय किए गए नियमों के मुताबिक, महासचिव का चुनाव विदेश मंत्रियों की परिषद द्वारा पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए किया जाता है। यह कार्यकाल केवल एक बार ही आगे के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस चुनाव की पूरी प्रक्रिया भौगोलिक रोटेशन और सभी सदस्य देशों के बीच बराबरी के अवसरों के सिद्धांतों पर आधारित होती है। मॉरिटानिया ने अपने इस उम्मीदवार को इस पद पर बैठाने के लिए एक बहुत बड़ा राजनैतिक और कूटनीतिक अभियान चलाया था जो आखिर में सफल रहा। इस्माइल औल्ड शेख अहमद के पास काम करने का बहुत लंबा और अच्छा अनुभव है। वह पहले भी अपने देश मॉरिटानिया के विदेश मंत्री रह चुके हैं और इसके अलावा वह संयुक्त राष्ट्र यानी UN के यमन में विशेष दूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
सऊदी विदेश मंत्री का फिलिस्तीन और क्षेत्रीय मुद्दों पर बयान
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आज के समय में क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी इस्लामिक देशों को आपस में मिलकर एकजुट होना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सऊदी अरब की सरकार फिलिस्तीन के मुद्दों पर हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनका समर्थन करती है। इसके अलावा उन्होंने अल-अक्सा मस्जिद में बार-बार हो रही घुसपैठ की घटनाओं की कड़ी निंदा भी की। इस असाधारण सत्र में केवल नेतृत्व बदलने पर ही बात नहीं हुई, बल्कि इसके साथ-साथ फिलिस्तीन के मुद्दों, अल-कुद्स अल-शरीफ और सदस्य देशों के बीच आपसी हित से जुड़ी कई अन्य जरूरी बातों पर भी चर्चा की गई।