इज़राइल के मंत्री बेन-गवीर का बड़ा ऐलान, गाज़ा से फलस्तीनियों को हटाने के लिए 'डिसएन्गेजमेंट 710' योजना पेश

Praggya Singh sabal3 September 20263 min read48 viewsWorld
इज़राइल के मंत्री बेन-गवीर का बड़ा ऐलान, गाज़ा से फलस्तीनियों को हटाने के लिए 'डिसएन्गेजमेंट 710' योजना पेश

इजराइल की राजनीति में एक बार फिर से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। देश के दूर-दराज की दक्षिणपंथी पार्टी के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमारा बेन-गवीर ने एक बहुत ही विवादित योजना की घोषणा की है। इस योजना का नाम 'डिसएन्गेजमेंट 710' रखा गया है, जिसके तहत गाज़ा पट्टी से फलस्तीनी लोगों को बड़े पैमाने पर बाहर निकालने की बात कही गई है। इस नए प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है और कई देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति भी जताई है। मंत्री महोदय ने इस योजना को आगामी चुनावों के मद्देनजर अपनी पार्टी का मुख्य एजेंडा बनाया है।

योजना की रूपरेखा और पहले साल का लक्ष्य

इस पूरी योजना के तहत सरकार पहले साल में ही लगभग 250,000 फलस्तीनियों को गाज़ा से बाहर भेजने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आने वाले छह सालों में इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 20 लाख लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इतमारा बेन-गवीर, जो कि यहूदी पावर यानी ओट्ज़मा येहुदित पार्टी के प्रमुख हैं, ने 3 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से इस पहल की घोषणा की थी। यह सारा कदम आगामी 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले इजराइली आम चुनावों से ठीक पहले उठाया गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

प्रवासियों के लिए आर्थिक पैकेज और सहायता

जो लोग गाज़ा छोड़कर जाना चाहेंगे, उनके लिए योजना में एक खास 'अवशोषण पैकेज' तैयार किया गया है। इस पैकेज के तहत यात्रा में मदद, शुरुआती आवास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगार और करीब 24 महीने तक आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, योजना में यह बात भी सुझाई गई है कि जो देश इन फलस्तीनी प्रवासियों को अपने यहाँ शरण देने के लिए तैयार होंगे, उन देशों को भी वित्तीय भुगतान किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का शुरुआती अनुमानित खर्च करीब 10 अरब शेकेल यानी लगभग 3.1 अरब से 3.5 अरब डॉलर के बीच है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिलने पर इस परियोजना का कुल वित्तपोषण ढांचा बढ़कर 50 अरब शेकेल यानी लगभग 15.6 अरब से 16.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

संभावित देश और अंतरराष्ट्रीय विरोध

मंत्री महोदय ने तुर्की, इथियोपिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और कई अरब देशों को संभावित गंतव्य के रूप में सुझाया है, हालांकि इनमें से किसी भी देश ने अभी तक अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है। भले ही बेन-गवीर इस योजना को पूरी तरह से व्यावहारिक मान रहे हैं, लेकिन इसे दुनिया भर से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। जिनेवा सम्मेलनों के तहत कब्जे वाले क्षेत्र में नागरिकों का जबरन विस्थापन सीधे तौर पर एक युद्ध अपराध माना जाता है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने हाल ही में इस तरह की भाषा के खिलाफ एक मजबूत यूरोपीय प्रतिक्रिया की मांग की है। इसके अलावा, यूरोपीय आयोग भी बार-बार बड़े पैमाने पर विस्थापन और हिंसा भड़काने वाले बयानों के कारण बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अगस्त के अंत में गाज़ा की मानवीय स्थिति पर चर्चा करते हुए मंत्री के पिछले बयानों की कड़ी निंदा की थी। रक्षा मंत्री इजराइल कैट्स पहले भी इस बात का समर्थन कर चुके हैं कि प्रवासन गाज़ा के दीर्घकालिक समाधान का एक हिस्सा हो सकता है, बशर्ते इसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त हो।

Share:

Comments

Leave a comment