इजरायली सेना ने लेबनान में किया बड़ा एक्शन, हिजबुल्लाह का 20 साल पुराना खुफिया अंडरग्राउंड ठिकाना किया तबाह.

इजरायली सेना यानी IDF ने दक्षिणी लेबनान के अली अल-ताहर रिज के नीचे बने हिजबुल्लाह के एक बड़े और खुफिया अंडरग्राउंड ठिकाने को पूरी तरह से साफ करने का ऐलान किया है। यह पूरी कार्रवाई 3 सितंबर 2026 को पूरी की गई, जिसमें सेना के जवानों ने सुरंग के रास्तों को सुरक्षित करते हुए आतंकवादियों का सफाया किया। इस ठिकाने को लेकर मिलिट्री का कहना है कि इसे पिछले 20 सालों में ईरान की प्लानिंग और पैसों की मदद से एक रणनीतिक हब के रूप में तैयार किया गया था। इस अंडरग्राउंड जगह के भीतर कमांड सेंटर, हथियार रखने के कमरे, जनरेटर रूम, रहने के लिए कमरे, शावर और एक रसोईघर भी बनाया गया था ताकि लंबे समय तक युद्ध जैसी स्थिति में लड़ा जा सके।
इजरायली प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का कड़ा बयान
इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 3 सितंबर को यह कन्फर्म किया कि इस ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है। इसके बाद अब इस जगह को पूरी तरह से गिराने की तैयारी है और सेना एक नए डिफेंसिव मोड में जाने वाली है। यह सारा घटनाक्रम 2 सितंबर 2026 की रात को हुए हमलों के बाद शुरू हुआ, जब हिजबुल्लाह ने इजरायली सैनिकों पर दो विस्फोटक ड्रोन दाग दिए थे। इसके जवाब में आईडीएफ ने नबातीयेह इलाके में जोरदार हमले किए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। हालांकि, आईडीएफ ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि इस जगह पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC के लोग भी मौजूद थे।
ईरान और अमेरिका को लेकर सामने आई बड़ी बातें
उधर, इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने 3 सितंबर को साफ चेतावनी दी कि अगर ईरान की तरफ से इजरायल पर कोई भी हमला किया जाता है, तो ईरान के एनर्जी सेक्टर समेत सभी सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। पिछले महीने ओमान के जरिए अमेरिका को ईरान ने एक धमकी दी थी कि इस रिज पर होने वाले किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा क्योंकि वहां ईरानी सैनिक मौजूद हैं। हालांकि, एक व्हाइट हाउस के अधिकारी ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया जिनमें यह कहा जा रहा था कि अमेरिका ने इजरायल पर इस अली al-Taher ऑपरेशन को रोकने के लिए दबाव बनाया था।
लेबनान और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन यानी UNIFIL की प्रवक्ता Kandice Ardiel ने दक्षिणी लेबनान में इजरायल की तरफ से चल रहे इंजीनियरिंग कामों, किलेबंदी और तोड़फोड़ की गतिविधियों को अपनी आंखों से देखने की बात कही है। दूसरी तरफ, लेबनान की आर्मी कमांड ने 3 सितंबर को इजरायल द्वारा उठाए गए सवालों और आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। लेबनानी सेना का कहना है कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं और उल्टा इजरायल पर जून के महीने में हुए समझौते के नियमों को न मानने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि इस सीजफायर फ्रेमवर्क के तहत गैर-सरकारी गुटों को हटाना और लेबनान की संप्रभुता को वापस लाना है, जबकि UNIFIL का कार्यकाल इस साल यानी 2026 के आखिर में खत्म होने वाला है और जल्द ही इसका ड्राउन शुरू होने की उम्मीद है।