West Bank Violence: इसराइल के सीनियर अधिकारी ने माना, कुस्रा गांव में हमला करने वाले सेटलर्स को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए था.

30 अगस्त 2026 को जूडिया और सामरिया जिला कमांडर सहायक मुख्य Moshe Pinchi ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वेस्ट बैंक के कुस्रा गांव में हाल ही में हुए हमले में शामिल इसराइली चरमपंथी सेटलर्स को तितर-बितर करने के बजाय तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। यह घटना एरिया बी में हुई थी, जहां हिरासत में लेने का अधिकार मुख्य रूप से सेना और बॉर्डर पुलिस के पास होता है। इस मामले में अधिकारियों की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अब सवाल उठने लगे हैं और पुलिस तथा सेना एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने की थी निंदा
इस हिंसा की कड़ी निंदा देश के बड़े नेताओं ने भी की थी। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इन हमलावरों को केवल 'कुछ हुड़दंगी' करार दिया था। वहीं राष्ट्रपति Isaac Herzog ने इस हिंसा को इसराइल के चेहरे पर एक बड़ा धब्बा बताया था। इसके बावजूद 30 अगस्त की देर शाम तक इस मामले में एक भी गिरफ्तारी नहीं की गई थी। सामने आए वीडियो फुटेज में हमला करने वाले लोगों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं और उनकी पहचान भी आसानी से की जा सकती है, फिर भी कानून अपना काम करने में धीमा साबित हुआ।
घरों में घुसकर की गई तोड़फोड़
नकाबपोश सेटलर्स ने कुस्रा गांव में धावा बोला था और स्थानीय लोगों के घरों में घुस गए थे। उन्होंने घरों पर कब्जा कर लिया था और वहां के स्थानीय निवासियों के साथ जमकर मारपीट और झड़प की थी। इसके अलावा पास के ही जलूद गांव में एक अलग हमला हुआ, जिसमें एनबीसी न्यूज क्रू को निशाना बनाया गया था। कुस्रा के मेयर Abdul Azim Wadi ने जानकारी दी कि इस हिंसा के दौरान दो फिलिस्तीनी नागरिकों को आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की वजह से सांस लेने में तकलीफ हुई। वहीं दो अन्य लोग पत्थरों के लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घर के मालिक Luay Bayruti ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना के दौरान सैनिकों ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा मुद्दा और नेताओं के दौरे
घटना की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आनी शुरू हो गई हैं। मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए यूरोपीय संघ के विशेष प्रतिनिधि Christophe Bigot ने 30 अगस्त को कुस्रा का दौरा किया और इस हिंसा की जमकर निंदा की। इसके अलावा अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने एक बयान जारी कर इन हमलों में शामिल सेटलर्स को 'आतंकवादी' करार दिया। दिलचस्प बात यह है कि इसराइली सेना ने इस अशांति के सिलसिले में छह फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन शुरुआती हमलों को अंजाम देने वाले किसी भी इसराइली सेटलर संदिग्ध को अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा और निराशा है।