इजराइल और लेबनान सीमा पर भड़की हिंसा, दक्षिणी लेबनान में हवाई हमलों से मची तबाही और बढ़े हालात गंभीर

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइल की सैन्य कार्रवाई तेज होने से हालात बेहद तनावपूर्ण बन गए हैं। शनिवार, 29 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने नबातिएह अल-फावका के उत्तरी इलाकों में कई हवाई हमले किए, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं। इन हमलों में हथगोले और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में भारी दहशत का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के वक्त अचानक हुए इन हमलों से हर तरफ अफरातफरी मच गई और लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में जुट गए।
सीमावर्ती गांवों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं
नबातिएह अल-फावका के अलावा दक्षिणी लेबनान के कई अन्य गांवों में भी इसराइली सेना की तरफ से सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। इसराइली सैनिकों ने हद्दाता और आयता अल-जबाल के पास तोड़फोड़ और कई धमाके किए। इसके अलावा, होला, हारिस और हद्दाता के बाहरी इलाकों को तोपखाने की गोलीबारी से निशाना बनाया गया। इसराइली बलों ने बीत याहून इलाके में रिहायशी मकानों में आग भी लगा दी। एक अन्य घटना में केफर शुबा गांव में इसराइली सैनिकों ने घुसपैठ करके एक स्थानीय घर की छत पर अपना राष्ट्रीय झंडा फहराया, जिससे तनाव और अधिक भड़क गया। शीबा के पास एक चरवाहे को भी इसराइली गोलीबारी का सामना करना पड़ा, हालांकि गनीमत यह रही कि उस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने जताई गहरी चिंता
बढ़ती हिंसा और तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल यानी UNIFIL ने चेतावनी दी है कि स्थिति बहुत नाजुक है और यह नियंत्रण से बाहर हो सकती है। यूएनआईएफआईएल ने साफ किया कि इसराइल और लेबनान दोनों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का पालन करना चाहिए, जिसके तहत शत्रुता को रोकना और सीमा का सम्मान करना अनिवार्य है। शांति मिशन ने यह भी जानकारी दी कि इस लगातार जारी संघर्ष के कारण बड़े पैमाने पर आम नागरिकों का विस्थापन हो रहा है और लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े
लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से 28 अगस्त 2026 के बीच इसराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या 4,352 तक पहुंच गई है, जबकि 12,318 लोग घायल हुए हैं। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी लगातार इन ड्रोन हमलों और गोलाबारी की घटनाओं को दर्ज कर रही है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदें लगातार धूमिल होती जा रही हैं।