इसराइल और गाज़ा में फिर भड़की हिंसा, रिहायशी इमारतों पर ताबड़तोड़ हमले से मची तबाही

इसराइली सेना ने 7 सितंबर 2026 को गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर रात भर भीषण हवाई हमले किए। इन सैन्य अभियानों के दौरान गाजा सिटी की कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया जिससे वहां रहने वाले आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। यह ताजा सैन्य कार्रवाई 6 सितंबर 2026 को हुई एक घटना के बाद शुरू हुई, जब हमास ने 'येलो लाइन' इलाके में एक विस्फोटक उपकरण से आईडीएफ के इंजीनियरिंग वाहन पर हमला किया था। इस घटना में इसराइली सेना ने किसी के घायल होने की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन इस धमाके को 10 अक्टूबर 2025 से लागू संघर्ष विराम समझौते का खुला उल्लंघन करार दिया। दूसरी तरफ, फिलिस्तीनी सूत्रों ने भी इसराइल पर इसी समझौते को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।
गाजा सिटी में ड्रोन हमले से हुई मौतें
पश्चिमी गाजा सिटी के अल-नस्र इलाके में इसराइली ड्रोन हमले के बाद जानमाल के नुकसान की खबर सामने आई है। Anadolu एजेंसी द्वारा उद्धृत एक मेडिकल सूत्र और हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि इस हमले में दो फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई, जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग डरे हुए हैं।
मलबे को हटाने के काम पर रोक लगाने की मांग
इस बीच, पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन यानी PFLP ने 6 सितंबर 2026 को गाजा में चलाए जा रहे मलबे हटाने के अभियानों को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। संगठन का कहना है कि इन गतिविधियों की वजह से हजारों लापता फिलिस्तीनियों के अवशेष खतरे में पड़ सकते हैं और पिछले हमलों के फोरेंसिक सबूत भी नष्ट हो सकते हैं। PFLP ने मांग की है कि जिन इलाकों में अवशेष मिलने की संभावना है, वहां तुरंत मलबा हटाने का काम रोका जाए। इसके साथ ही, उन्होंने फोरेंसिक टीमों और स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय निगरानी दलों को वहां जाने की अनुमति देने की मांग भी उठाई है।
लेबनान सीमा पर भी तनाव और नए आदेश
गाजा के अलावा दक्षिणी लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। आईडीएफ ने 7 सितंबर 2026 को दक्षिणी लेबनान के डेर अझहरानी गांव के लिए एक नया निकासी आदेश जारी किया। लेफ्टिनेंट कर्नल एला वावेया ने जानकारी दी कि यह आदेश इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि यह इलाका हिजबुल्लाह की एक ऐसी सैन्य सुविधा के पास है जिसे रक्षा बलों द्वारा सैन्य कार्रवाई के लिए तय किया गया है। यह कदम हिजबुल्लाह द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया है, जिसे इसराइली सेना ने संघर्ष विराम का एक और उल्लंघन बताया है।