इसराइल की 'हिलटॉप गर्ल्स' ने वेस्ट बैंक में शुरू की नई चाल, सॉफ्ट सेटलमेंट रणनीति से बढ़ा रहीं कब्जा

Nura Basta3 September 20262 min read38 viewsEnglish
इसराइल की 'हिलटॉप गर्ल्स' ने वेस्ट बैंक में शुरू की नई चाल, सॉफ्ट सेटलमेंट रणनीति से बढ़ा रहीं कब्जा

कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इसराइली युवतियों का एक radical समूह इन दिनों चर्चा में है, जिन्हें 'Hilltop Girls' के नाम से जाना जाता है। ये महिलाएं पारंपरिक शहरी जीवन को छोड़कर ग्रामीण बस्तियों में रह रही हैं और 'ग्रेटर इसराइल' की विचारधारा को आगे बढ़ा रही हैं। खाना पकाने और कपड़े सुखाने जैसे घरेलू काम करके ये समूह एक 'सॉफ्ट' छवि पेश कर रहा है, जिससे फिलिस्तीनी जमीन पर कब्जे को सामान्य बनाया जा सके। ये लोग सोशल मीडिया का बहुत इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि हिंसक बस्तियों की छवि से खुद को दूर रख सकें।

बस्तियों का विस्तार और सरकारी योजनाएं

इस तरह का विस्तार इसराइली सरकार की बड़ी योजनाओं के साथ चल रहा है। जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 13 नई यहूदी बस्तियों की योजनाओं को मंजूरी दी थी। इससे पहले अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में गुप्त रूप से 34 नई बस्तियों को मंजूरी मिली थी। इसके अलावा, इसराइली सेना ने जुलाई 2026 में जेनिन इलाके में कम से कम 15 जमीन जब्ती के आदेश जारी किए, जिसमें 200 dunams (20 hectares) जमीन शामिल है। यह कदम Emek Dotan और Noa बस्तियों को आपस में जोड़ने के लिए उठाया गया था। इसके साथ ही, 29 जुलाई 2026 को सुप्रीम प्लानिंग काउंसिल ने बसने वालों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए Road 60 के विस्तार को मंजूरी दी। ये सभी कदम वित्त मंत्री Bezalel Smotrich के दिसंबर 2025 के उस ऐलान के बाद उठाए गए हैं, जिसमें उन्होंने 11 नई बस्तियां बनाने और 8 चौकियों को वैध करने की बात कही थी ताकि फिलिस्तीनी राज्य बनने से रोका जा सके।

अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसराइल की सभी बस्तियां अवैध मानी जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी ICC ने साल 2024 में फैसला सुनाया था कि इस तरह के कदम चौथे जिनेवा सम्मेलन के अनुच्छेद 49 का उल्लंघन करते हैं। 3 सितंबर 2026 को एमनेस्टी इंटरनेशनल की मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका की डायरेक्टर Heba Morayef ने इस विस्तार की कड़ी निंदा की और इसे खुला कब्जा करने का एजेंडा बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की अपील भी की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने इन विकास कार्यों को फिलिस्तीनी राज्य के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने अप्रैल 2026 में रिपोर्ट दी थी कि 3.4 million फिलिस्तीनियों के आने-जाने पर पिछले 20 सालों में सबसे ज्यादा पाबंदियां लगाई गई हैं। 2 सितंबर 2026 को वेस्ट बैंक के एक गांव में बसने वालों और इसराइली सेना के संयुक्त छापे के दौरान दो फिलिस्तीनी मारे गए थे।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment