इजराइल का बड़ा कदम, ब्रिटेन के सेटलमेंट बैन के जवाब में कड़े प्रतिबंध किए लागू.

Nura Basta9 September 20262 min read31 viewsWorld
इजराइल का बड़ा कदम, ब्रिटेन के सेटलमेंट बैन के जवाब में कड़े प्रतिबंध किए लागू.

इजराइल सरकार ने ब्रिटेन के हालिया फैसलों का कड़ा जवाब देते हुए चार बड़े और सख्त कदम उठाए हैं। 8 सितंबर और 9 सितंबर 2026 को इजराइल की तरफ से यह घोषणा की गई कि ब्रिटेन द्वारा वेस्ट बैंक के सेटलमेंट्स यानी बस्तियों से आने वाले सामान पर बैन लगाने और वहां के कब्जे को गैरकानूनी बताने के बाद यह जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई थी। इस पूरे फैसले को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विदेश मंत्री गिदू सा'र ने मिलकर तय किया है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।

ब्रिटिश कॉउंसिल को बंद करने का आदेश

इस बड़े फैसले के तहत इजराइल ने अधिकृत पूर्वी यरुशलम में स्थित ब्रिटिश कंसुलट को अगले 30 दिनों के भीतर पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। वहां काम करने वाले सभी ब्रिटिश राजनयिकों और कर्मियों का कूटनीतिक दर्जा भी खत्म कर दिया जाएगा। इसके अलावा, इजराइल ने गाजा में अमेरिका के नेतृत्व वाले समन्वय मिशन में काम कर रहे ब्रिटिश कर्मचारियों और रामल्लाह में तैनात ब्रिटिश राजनयिकों को अगले 7 दिनों के भीतर देश छोड़ने का सख्त आदेश दे दिया है। इतना ही नहीं, वेस्ट बैंक में फलस्तीनी सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देने के ब्रिटिश कार्यक्रम को भी हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है।

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ब्रिटिश सांसदों पर लगा ट्रैवल बैन

इजराइल ने ब्रिटेन के कई जाने-माने सांसदों और वकीलों के देश में आने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जिन ब्रिटिश सांसदों पर यह ट्रैवल बैन लगाया गया है, उनमें जेरेमी कॉर्बिन, जारा सुल्ताना, नाज शाह, डायने एबॉट, जॉन मैकडोनेल, रिचर्ड बर्गुन, हन्ना स्पेंसर, कार्ला डेन्येर, सियान बेरी, एली चाउन्स और एडियन राम्से शामिल हैं। इनके साथ ही वकील फहद अंसारी का नाम भी इस लिस्ट में है। इजराइल सरकार का कहना है कि इन सभी लोगों की गतिविधियां यहूदी-विरोधी और इजराइल-विरोधी थीं। विदेश मंत्री गिदू सा'र ने ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड के कदमों को सीधे तौर पर दखलअंदाजी और झूठा करार दिया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नेम की सरकार का कहना है कि वेस्ट बैंक में लगातार बढ़ रही हिंसा को देखते हुए वे चुपचाप तमाशा नहीं देख सकते थे और दो-राष्ट्र समाधान के लिए यह प्रतिबंध बहुत जरूरी थे। फलस्तीन के राजदूत हुसाम जोमलोट ने ब्रिटेन के इस कदम की जमकर तारीफ की है। दूसरी तरफ, इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने इस ट्रैवल बैन को एक बड़ी गलती बताया है। अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी ने भी ब्रिटेन के इन प्रतिबंधों को भेदभावपूर्ण बताया है, हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कर दिया है कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा की तरह इजरायली बस्तियों के सामान पर कोई रोक नहीं लगाएगा। इसके विपरीत, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन जैसे देशों ने इस तरह के प्रतिबंधों का समर्थन किया है या फिर ऐसा करने पर विचार कर रहे हैं।

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