Lebanon पर इसराइल का बड़ा हमला, हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों के बाद दक्षिणी लेबनान में बरपा कहर.

लेबनान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 6 सितंबर 2026 को इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में जोरदार सैन्य हमले शुरू किए। इसराइली सेना का कहना है कि हिजबुल्लाह संगठन ने उनके सैनिकों के ऊपर दो विस्फोटक ड्रोन दागे थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। इसराइली सेना यानी IDF के अनुसार, इनमें से एक ड्रोन को हवा में ही रोक लिया गया और गनीमत यह रही कि इस हमले में इसराइल का कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं.
सीजफायर समझौते का उल्लंघन और UNIFIL की भूमिका
इसराइली सेना ने इस ड्रोन हमले को इस साल जून 2026 में हुए अमरीकी मध्यस्थता वाले सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है। इस समझौते के तहत यह तय हुआ था कि गैर-सरकारी संगठनों के हथियार छोड़ने के बाद इसराइल अपनी सेना को लेबनान से वापस बुला लेगा। हालांकि, हिजबुल्लाह ने लिटानी नदी के उत्तर में अपने हथियार छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना यानी UNIFIL का यह साफ कहना है कि ब्लू लाइन के उत्तर में किसी भी इसराइली सैन्य उपस्थिति का होना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का खुला उल्लंघन है। आपको बता दें कि UNIFIL का यह मौजूदा कार्यकाल इस साल के अंत यानी 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाला है.
लगातार हमलों से लेबनान में भारी जानमाल का नुकसान
इस क्षेत्रीय संघर्ष की वजह से आम लोगों को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 से लेकर अब तक लेबनान में लगभग 9,000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अगर हम इस साल के आंकड़ों की बात करें तो सिर्फ 2 मार्च से 6 सितंबर 2026 के बीच ही देश भर में 4,358 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 12,359 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि 2 मार्च के बाद से एम्बुलेंस कर्मियों पर इसराइल के कुल 179 हमले हो चुके हैं, जिनकी वजह से 135 स्वास्थ्यकर्मियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है.
हालिया हमलों और रणनीतिक इलाकों की स्थिति
युद्धविराम के बाद भी जमीन पर हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। बीते 4 सितंबर 2026 को इसराइल ने यह दावा किया था कि उसने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण अली अल-ताहर रिज पर अपना पूरा कब्जा जमा लिया है, हालांकि हिजबुल्लाह की तरफ से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसके अगले ही दिन यानी 5 सितंबर 2026 को दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हुए इसराइली हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 55 लोग घायल हो गए। इस भारी तबाही के बाद हिजबुल्लाह ने अगले दिन इन हमलों की कड़ी निंदा की। इन आंकड़ों में अकेले रात भर से लेकर 5 सितंबर तक हुए हमलों में 4 लोगों की मौत और 32 लोग घायल होने की खबर थी, जबकि उसी दिन दिन में हुए हमलों में 3 लोगों की मौत और 23 लोग घायल हुए थे.