दक्षिणी लेबनान में इसराइल की भीषण बमबारी, टायर और नबातिएह क्षेत्र में चार लोगों की मौत और कई घायल.

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइली सेना ने बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान चलाया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी यानी एनएनए के अनुसार, इसराइली बलों ने अल-Mansouri शहर में कई शक्तिशाली हमलों को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे और कमांड सेंटर्स को नेस्तनाबूद करना बताया गया है। इस लगातार चल रहे संघर्ष की वजह से आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
नबातिएह और अल-Mansouri में भारी तबाही
रविवार, 6 सितंबर 2026 को एनएनए ने जानकारी दी कि अल-Mansouri के आसपास के इलाकों में विस्फोटक उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए 14 से अधिक अलग-अलग बमबारी अभियान चलाए गए। इससे पहले भी इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज थीं। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि रविवार सुबह तक विभिन्न दक्षिणी लेबनानी स्थानों पर इसराइली हमलों के कारण 4 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य लोग घायल हो गए। इसके अलावा, मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2 मार्च से 5 सितंबर 2026 के बीच इसराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 4,358 हो चुकी है, जबकि 12,359 लोग घायल हुए हैं।
अस्पताल और रिहायशी इमारतें बनीं निशाना
रविवार को भोर से ही नबातिएह, अरब सलीम, नबातिएह अल-फावका और कफर रेमान में ताबड़तोड़ हमले किए गए। इन हमलों में नबातिएह का प्रसिद्ध गंडूर अस्पताल पूरी तरह से तबाह हो गया। इससे एक दिन पहले यानी शनिवार, 5 सितंबर को मयफादौन शहर में हुए एक हवाई हमले में 18 साल की एक युवती की मौत हो गई थी और पांच अन्य लोग घायल हो गए थे। पश्चिमी बेका क्षेत्र सहित पांच अलग-अलग स्थानों पर उस दिन कुल 5 लोगों की जान गई थी और 24 लोग घायल हुए थे। इसराइली सेना ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अली अल ताहिर रिज पर भी अपना नियंत्रण होने का दावा किया है और मैस अल-जबल तथा हौला के बीच के इलाकों में घरों को बम से उड़ाने की खबरें सामने आई हैं।
युद्धविराम समझौते के बावजूद जारी है संघर्ष
बता दें कि बीते 26 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता से एक संघर्षविराम समझौता हुआ था, जिसके तहत इसराइली सेना को धीरे-धीरे पीछे हटना था। हालांकि, इसके बावजूद जमीन पर संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने इस समझौते को खारिज करते हुए इसे शून्य घोषित कर दिया है और फौरन कब्जा खत्म करने की मांग की है। हिजबुल्लाह ने अमेरिका पर इसराइली आक्रामकता को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप भी लगाया है। दूसरी ओर, इसराइली सेना लगातार विशिष्ट संरचनाओं को निशाना बनाने से पहले चेतावनी जारी कर रही है, जैसा कि अरब सलीम में एक इमारत पर हमले से पहले देखा गया था।