Israel Military News: इसराइल सेना प्रमुख की बड़ी चेतावनी, बजट की भारी कमी से देश की सुरक्षा खतरे में.

इसराइल में रक्षा मामलों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश की सेना के प्रमुख ने पैसों की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इसराइली सेना यानी IDF के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने खुले तौर पर यह चेतावनी दी है कि सेना को इस समय पैसों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस वित्तीय संकट की वजह से देश की सैन्य तैयारी पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है और सैनिक आने वाले संभावित खतरों के लिए खुद को उस तरह तैयार नहीं कर पा रहे हैं जैसी जरूरत है।
बजट में 40 अरब शेकेल की भारी कमी
इसराइली सेना इस समय लगभग 40 अरब शेकेल यानी करीब 12.3 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े बजट घाटे से जूझ रही है। इस पैसे की कमी की मुख्य वजह लगातार चल रहे सैन्य अभियान और रिजर्व ड्यूटी पर होने वाला भारी खर्च है। साल 2026 के लिए रक्षा बजट शुरू में 143 अरब शेकेल तय किया गया था, लेकिन अब इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार नए सिरे से फंड जुटाने की योजना बना रही है। देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोत्रिच के बीच पिछले हफ्ते ही एक समझौता हुआ है जिसके तहत रक्षा विभाग को 40 अरब शेकेल यानी लगभग 12 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
कुल रक्षा बजट बढ़कर होगा 184 अरब शेकेल
इस अतिरिक्त फंड के मिलने के बाद साल 2026 का कुल रक्षा बजट बढ़कर 184 अरब शेकेल हो जाएगा। इसराइली इतिहास में यह रक्षा पर खर्च होने वाली दूसरी सबसे बड़ी रकम होगी। इससे पहले वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच इस बजट को लेकर काफी खींचतान देखने को मिली थी। वित्त मंत्रालय तो इस रक्षा बजट को एक वित्तीय काला कुआं तक कह चुका है क्योंकि नए फाइटर जेट खरीदने और गोला-बारूद जुटाने के लिए लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। इन तमाम आर्थिक परेशानियों के बावजूद लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने यह साफ कर दिया है कि सेना देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है और किसी भी अंदरूनी राजनीतिक विवाद से उसका ध्यान नहीं भटकेगा।
वेस्ट बैंक में सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई
बजट संकट के बीच सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना प्रमुख ने 27 अगस्त 2026 को वेस्ट बैंक में सैनिकों की भारी तैनाती के आदेश दिए हैं। यह फैसला बढ़ते तनाव और आने वाले यहूदी छुट्टियों के मौसम को ध्यान में रखकर लिया गया है। इन सुरक्षा उपायों के तहत एक और नियमित सेना डिविजन के मुख्यालय को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सैनिकों को मैदान में उतारा जा सके। ज़मीर ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले त्योहारों के दौरान सेना हर मोर्चे पर पूरी तरह तैयार रहेगी और अपनी ताकत में कोई कमी नहीं आने देगी, भले ही उन्हें ईरान, लेबनान और गाजा पट्टी से लगातार बड़ी रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा हो।