इसराइल सेना का बड़ा फैसला, दक्षिणी लेबनान में कम होगी सैनिकों की संख्या, अली ताहर सुरंग हुई तबाह.

Sushma Kumari5 September 20262 min read41 viewsWorld
इसराइल सेना का बड़ा फैसला, दक्षिणी लेबनान में कम होगी सैनिकों की संख्या, अली ताहर सुरंग हुई तबाह.

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने सैनिकों की संख्या कम करने की तैयारी शुरू कर दी है। रक्षा मंत्री Israel Katz ने घोषणा की कि अली ताहर रिज के नीचे बने खुफिया और रणनीतिक सुरंग नेटवर्क को पूरी तरह से तबाह करने का मिशन पूरा हो गया है। इसराइली सेना यानी IDF के अनुसार, यह подзем सुरंग हिजबुल्लाह के बदर क्षेत्रीय डिवीजन का मुख्य केंद्र थी, जिसे पिछले दो दशकों से बनाया जा रहा था और इसे ईरान से फंडिंग मिलती थी। सेना अब कुछ आगे की चौकियों से पीछे हटने की योजना पर काम कर रही है, हालांकि इस पर अभी राजनीतिक मंजूरी मिलना बाकी है।

ग्रे लाइन पर तैनात होंगे सैनिक और जारी है संघर्ष

प्रस्तावित रणनीति के तहत सैनिकों को इसराइली सीमा से लगभग तीन से चार किलोमीटर दूर एक नई 'Gray Line' पर तैनात किया जा सकता है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक जरूरी होगा, इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान में रहेगी। वहीं रक्षा मंत्री ने दोहराया कि जब तक हिजबुल्लाह को पूरी तरह हथियार नहीं डाले जाते, तब तक देश पूरी तरह पीछे नहीं हटेगा। दूसरी ओर, जमीनी स्तर पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले जारी हैं।

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बीते 5 September 2026 को इसराइल ने अपने हवाई हमलों का दायरा बढ़ा दिया, जिससे दक्षिणी लेबनान और पश्चिमी बेका के पांच अलग-अलग इलाकों में कुल 5 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए। इससे पहले 4 September 2026 को लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी इतने ही यानी पांच लोगों के मारे जाने और 24 के घायल होने की पुष्टि की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हालिया हवाई हमलों में नबातीह अल-फवका और मीस एल-जबाल के बाहरी इलाकों को निशाना बनाया गया था।

हिजबुल्लाह और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

हिजबुल्लाह के सांसदों ने इसराइली कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। सांसद Ihab Hamadeh ने सवाल उठाया कि अगर इसराइल को पूरे इलाके पर पूर्ण नियंत्रण मिल गया है, तो वह लगातार पहाड़ियों पर हमले क्यों कर रहा है। हिजबुल्लाह ने यह भी आरोप लगाया कि इसराइल सोची-समझी रणनीति के तहत आक्रामक रुख अपना रहा है और घरों को तहस-नहस कर रहा है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र यानी UN ने सुरक्षा हालात को लेकर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने ब्लू लाइन के पास हालात में भारी गिरावट की बात कही। उन्होंने बताया कि सैन्य गतिविधियों में अचानक तेजी आई है और 1 September को 56 तथा 2 September को 84 प्रोजेक्टाइल दर्ज किए गए। संयुक्त राष्ट्र लगातार यह मांग कर रहा है कि IDF को ब्लू लाइन के उत्तर में स्थित सभी ठिकानों से तुरंत पीछे हट जाना चाहिए, जैसा कि UN Security Council Resolution 1701 में तय किया गया था।

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