इसराइल सेना का बड़ा बयान, गाज़ा के 'येलो लाइन' पर संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान दो लोगों की मौत

गाज़ा में संघर्ष विराम के नियमों के बीच इसराइली सेना ने गुरुवार को दो लोगों की मौत की पुष्टि की है। यह घटना उत्तरी गाज़ा के 'येलो लाइन' इलाके में हुई, जो एक सैन्य सीमा है और जहां फिलिस्तीनी नागरिकों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। इसराइली सेना यानी IDF ने बताया कि उनके सैनिकों ने एक हथियारबंद व्यक्ति को इस रेखा को पार करते हुए देखा था, जिसके बाद इसराइली वायु सेना ने हवाई हमला करके इस खतरे को खत्म कर दिया। इस हमले के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय मेडिकल रिपोर्ट और जानमाल का नुकसान
इसराइली सेना की आधिकारिक पुष्टि के अलावा स्थानीय मेडिकल सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स से यह जानकारी सामने आई है कि इस घटना में दो फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। मरने वालों में एक 13 साल का लड़का भी शामिल है, जो बेत लाहिया में इसराइली गोलीबारी का शिकार बना। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब घटी जब इसराइली बलों ने विस्थापित नागरिकों के तंबू और घरों को निशाना बनाकर फायरिंग की। इस संघर्ष में कई अन्य लोगों के भी हताहत होने की खबर है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं.
अक्टूबर 2025 के संघर्ष विराम और आंकड़े
आपको बता दें कि यह पूरी घटना अक्टूबर 2025 में लागू किए गए संघर्ष विराम समझौते के दौरान सामने आई है। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जब से यह समझौता लागू हुआ है, तब से इसराइली उल्लंघनों के कारण कुल 1,334 फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है और करीब 4,429 लोग घायल हुए हैं। अक्टूबर 2023 में जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक गाज़ा में मरने वालों की कुल संख्या लगभग 73,470 तक पहुंच चुकी है। इन ताज़ा घटनाओं से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पिछले साल 31 जुलाई 2026 को गाज़ा रोडमैप के दूसरे चरण को शुरू करने के लिए एक नए समझौते का ऐलान किया था।
'येलो लाइन' का इतिहास और मौजूदा स्थिति
यह 'येलो लाइन' अक्टूबर 2025 में बनाई गई एक सैन्य सीमा है, जिसके तहत इसराइल गाज़ा के 53 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखता है। मई 2026 तक इसराइल ने इस नियंत्रण को बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर लिया था और उनका लक्ष्य इसे 70 प्रतिशत तक ले जाने का है। देश के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कहा है कि इसराइल इस सीमा से पीछे नहीं हटेगा। इस लाइन के पूर्व का पूरा इलाका इसराइली सेना द्वारा 'फ्री-फायर जोन' घोषित किया गया है, जहां किसी भी व्यक्ति का पहुंचना सीधा खतरा माना जाता है। हालांकि इस लाइन के कुछ हिस्सों पर कंक्रीट के ब्लॉक लगाए गए हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इस सीमा की कानूनी स्थिति और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है।