Lebanon Crisis: दक्षिण लेबनान में इसराइल के लगातार हमलों से गहराया मानवीय संकट, हजारों लोग छोड़ने को मजबूर.

Nura Basta28 August 20263 min read16 viewsWorld
Lebanon Crisis: दक्षिण लेबनान में इसराइल के लगातार हमलों से गहराया मानवीय संकट, हजारों लोग छोड़ने को मजबूर.

दक्षिण लेबनान में इसरायली सैन्य बलों ने अपने सैन्य अभियानों को और तेज कर दिया है, जिसके चलते वहां की स्थिति बेहद खराब हो गई है। 28 अगस्त 2026 तक नबातियेह क्षेत्र में लगातार बमबारी और गोलाबारी की खबरें सामने आ रही हैं। इस सैन्य कार्रवाई की वजह से आम नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। लेबनान में चल रहे इस संघर्ष ने एक बार फिर आम इंसानों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है, जहां हर दिन किसी न किसी परिवार पर भारी मुसीबत टूट रही है।

इसरायली हमलों में आम नागरिकों की मौत और बढ़ता मानवीय संकट

इससे पहले 27 अगस्त को कई जगह हवाई हमले किए गए थे, जिसमें अरब सलिम में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक बच्चे समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मारे जाने वालों में सजा शरारा नाम की एक नवविवाहिता महिला भी शामिल थी, जिसकी शादी को अभी सिर्फ दो ही दिन हुए थे। इसके अलावा नबातियेह अल-फाउका के पास अली अल-ताहेर के जंगलों के साथ-साथ जौतार अल-शार्किया और मयफादौन के बीच के इलाकों को भी हवाई हमलों का निशाना बनाया गया। इन हमलों से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं।

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट और विस्थापितों का आंकड़ा

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय OCHA की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच फिर से भड़की इस हिंसा का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी ReliefWeb Report पर देखी जा सकती है। एक घटना के दौरान 26 अगस्त 2026 को लेबनान के सिविल डिफेंस कर्मियों को सीधे हमले की चेतावनी मिलने के बाद डेर मिमास नगर पालिका में आग बुझाने के काम को बीच में ही छोड़कर भागना पड़ा था। 26 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष की वजह से 334,353 लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और आंतरिक रूप से विस्थापित हैं। वहीं दूसरी ओर, 823,337 लोग अपने पुराने इलाकों में वापस लौटने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस बात पर जोर दिया है कि छह महीने की इस आपातकालीन अपील के लिए मिलने वाला फंड बहुत कम है और यह मियाद अब से सिर्फ चार दिन में खत्म होने वाली है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक तनाव

इस बीच राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर तनाव लगातार बना हुआ है और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए UN Security Council की 28 अगस्त को बंद कमरे में बैठक होने वाली है। हालांकि अमेरिका की मध्यन्ता से 26 जून को इसरायली सेना की क्रमिक वापसी के लिए एक रूपरेखा समझौता हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि तेहरान लेबनान की सुरक्षा को पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए बहुत जरूरी मानता है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र की नस्ल भेद विरोधी समिति समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इसरायली अधिकारियों, खासकर रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ द्वारा दक्षिण लेबनान के नागरिकों के खिलाफ दिए गए बयानों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

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