7 अक्टूबर हमले की तीसरी बरसी: राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने मोमबत्ती जलाकर शहीदों को किया याद
राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने 7 अक्टूबर के हमलों की तीसरी बरसी पर शहीदों की याद में मोमबत्ती जलाई और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

इजरायल के लिए 7 अक्टूबर की तारीख एक गहरे जख्म की तरह है। इस खौफनाक हमले की तीसरी बरसी के मौके पर इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने यरूशलेम स्थित राष्ट्रपति आवास पर एक स्मृति मोमबत्ती जलाई। खास बात यह रही कि यह मोमबत्ती ठीक सुबह 6:29 बजे जलाई गई, जो वही सटीक समय था जब तीन साल पहले हमास ने इजरायल पर भीषण हमला शुरू किया था।
राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने इस मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह तीन साल अपार दर्द, नुकसान और सदमे के रहे हैं। उन्होंने उन सभी लोगों को याद किया जिनकी इस हमले में जान गई और जो युद्ध के दौरान शहीद हुए। उन्होंने प्रार्थना की कि उन सभी की यादें दुनिया के लिए एक आशीर्वाद बनें।
दुख और साहस की साझा कहानी
पिछले तीन वर्षों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग के हजारों लोगों से मुलाकात की और उनकी कहानियाँ सुनीं। उन्होंने बताया कि इनमें शोक संतप्त परिवारों, बंधक रहे लोगों, लड़ाकों, विस्थापितों और स्वयंसेवकों की दर्दभरी दास्तां शामिल थी। राष्ट्रपति ने कहा कि ये कहानियाँ केवल नुकसान और दर्द की नहीं हैं, बल्कि पुनर्जन्म और साहस की भी हैं। उन्होंने उन लोगों की सराहना की जिन्होंने मलबे से उठकर फिर से अपने घर बनाए, पेड़ लगाए और जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया।
हर्ज़ोग ने जोर देकर कहा कि यह साझा अनुभव पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने कहा, "हम एक राष्ट्र हैं और यह घर हम सबका है। हमें मिलकर अपनी इस साझा कहानी और अपने घर की रक्षा करनी होगी।"
इस दुखद अवसर पर इजरायल में भारतीय दूतावास ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दूतावास ने एक बयान जारी कर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता जताई। भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराते हुए कहा कि वह आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ खड़ा है और इसे खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।