इसराइल की खुली धमकी, वेस्ट बैंक पर फुल स्केल वॉर की तैयारी, इंटरनेशनल लेवल पर हुआ विरोध.

Aanya7 September 20263 min read16 viewsWorld
इसराइल की खुली धमकी, वेस्ट बैंक पर फुल स्केल वॉर की तैयारी, इंटरनेशनल लेवल पर हुआ विरोध.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय हलचल बहुत तेज हो गई है और एक नए बड़े खतरे की आशंका जताई जा रही है। 7 सितंबर 2026 को इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz और प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक बहुत बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि फलस्तीनी प्रशासन यानी Palestinian Authority की तरफ से वैसा ही कोई हमला किया जाता है जैसा 7 अक्टूबर 2023 को गाजा से हमास ने किया था, तो इसराइल उनके खिलाफ पूर्ण पैमाने पर यानी full-scale war शुरू कर देगा। इस बयान के बाद से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है।

इसराइली सेना को मिली खास तैयारी की आदेश

इस बयान के तुरंत बाद इसराइली रक्षा बल यानी Israel Defence Forces को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दे दिया गया है। रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ किया कि सेना को वेस्ट बैंक के भीतर फलस्तीनी प्रशासन के वरिष्ठ नेतृत्व, प्रशासनिक तंत्र और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले एक विशेष अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ऐसा संघर्ष शुरू होता है, तो इससे वेस्ट बैंक के कब्जे वाले इलाकों में पूरे के पूरे शहर उजड़ सकते हैं और लोगों को अपना घर छोड़कर कहीं और जाना पड़ सकता है। इस तरह की बातें सामने आने के बाद से वहां के स्थानीय नागरिकों की परेशानी बहुत अधिक बढ़ गई है।

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हिंसा के बाद और भड़की बयानबाजी

यह पूरा विवाद और बयानबाजी उत्तरी कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नाबुलस के पास हुई एक चाकूबाजी की घटना के बाद और तेज हुई। 7 सितंबर 2026 को हुई इस घटना में एक इसराइली नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद इसराइली बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर फलस्तीनी व्यक्ति को मार गिराया था। इस घटना के तुरंत बाद इसराइली मंत्रियों के तेवर और तीखे हो गए। इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir और रक्षा मंत्री के इन बयानों के बाद दुनिया भर के कई देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और इसकी तीखी आलोचना की है।

कई देशों के विदेश मंत्रियों ने की कड़ी निंदा

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेता सामने आए हैं। 7 सितंबर 2026 को सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, जॉर्डन, इंडोनेशिया, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों ने एक साथ मिलकर इसराइली मंत्रियों के बयानों की कड़ी निंदा की। इन सभी देशों ने फलस्तीनियों को उनके घरों से विस्थापित करने की योजनाओं को लेकर गहरी चिंता जताई है और इस तरह के बयानों को क्षेत्र की शांति के लिए खतरनाक बताया है। मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने भी एक अरब मंत्रिस्तरीय समिति की बैठक के दौरान दो टूक कहा कि पूर्वी यरुशलम हमेशा से कब्जाया हुआ फलस्तीनी क्षेत्र रहा है और वहां के निवासियों को निशाना बनाने वाली नीतियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस पूरी बैठक की जानकारी State Information Service की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गई है।

अंतरराष्ट्रीय अदालत में भी चल रही है कानूनी कार्यवाही

दूसरी तरफ इसी दिन यानी 7 सितंबर 2026 को जर्मनी की सरकार इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस यानी International Court of Justice के सामने पेश हुई। जर्मनी पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उसका सैन्य समर्थन इसराइल को गाजा में नरसंहार करने में मदद कर रहा है, जिसका जर्मनी ने अदालत में खंडन किया। वेस्ट बैंक में अक्टूबर 2023 से ही लगातार हिंसा का दौर चल रहा है और हाल के दिनों में वहां पर बस्तियों से जुड़े हमलों में काफी तेजी आई है, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

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