Lebanon Attack: इसराइल के हवाई हमले में तबाह हुआ टायर जिले का एक परिवार, संघर्ष विराम के बाद भी बढ़ रही है हिंसा.

लेबनान के टायर जिले में इसराइल की तरफ से एक बड़ा हवाई हमला किया गया, जिसमें एक परिवार का घर पूरी तरह से नष्ट हो गया। यह घटना 10 सितंबर 2026 को लेबनान के हरीस और हदाथा गांवों के बीच हुई। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी National News Agency ने इस हमले की पुष्टि की है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इस इलाके में हालात कितने तनावपूर्ण बने हुए हैं। आम लोगों के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी होती जा रही है क्योंकि लगातार हो रहे हमलों की वजह से लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है।
संयुक्त राष्ट्र की गहरी चिंता और हालात
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैन्य अभियानों के तेजी से बढ़ने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आम नागरिकों के मारे जाने और बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर नुकसान की कड़ी निंदा की है। महासचिव ने तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है और इसराइल से कहा है कि वह लेबनान की जमीन से अपने सैनिकों को वापस बुला ले। यह कदम UN Security Council Resolution 1701 के नियमों के अनुसार उठाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह से पालन करना चाहिए ताकि आम जनता को बचाया जा सके।
सैन्य गतिविधियों और संघर्ष विराम का उल्लंघन
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के अंतरिम बल यानी UNIFIL से मिले आंकड़ों के अनुसार, इस इलाके में सैन्य गतिविधियों में बहुत तेजी आई है। आंकड़ों में बताया गया कि इसराइल डिफेंस फोर्सेस ने पिछले गुरुवार से सोमवार के बीच कुल 528 प्रोजेक्टाइल दागे। केवल रविवार के दिन ही UNIFIL ने इसराइल द्वारा लेबनान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की 62 घटनाएं दर्ज कीं। दूसरी ओर, इसराइली अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना की कार्रवाई हिजबुल्लाह की तरफ से आने वाले खतरों को खत्म करने के लिए बहुत जरूरी है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि उनकी सेना ने अली अल-ताहर रिज के पास सुरंग नेटवर्क को पूरी तरह से साफ कर दिया है। इसराइल लगातार दक्षिणी लेबनान में संदिग्ध ढांचों पर हमले की बात कह रहा है, जो वहां से होने वाली ड्रोन गतिविधियों के जवाब में किए जा रहे हैं। जून 2026 में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच एक संघर्ष विराम समझौता हुआ था, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस समझौते का उल्लंघन रोजाना किया जा रहा है जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।